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#उधम सिंह नगर

प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि वो किसी पर किसी प्रकार का दोष नहीं मढ़ेंगे। मोदी ने कहा कि शायद उनकी तपस्या में ही कमी रह गई होगी। केंद्र सरकार ने तीनों नए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 19 नव, 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि वो किसी पर किसी प्रकार का दोष नहीं मढ़ेंगे। मोदी ने कहा कि शायद उनकी तपस्या में ही कमी रह गई होगी। केंद्र सरकार ने तीनों नए कृषि कानून वापस ले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यह बड़ा ऐलान देश के नाम अपने संबोधन में किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नाराज किसानों को समझाने का हरसंभव प्रयास किया। कई मंचों से उनसे बातचीत हुई, लेकिन वो नहीं माने। इसलिए, अब तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया गया है।

विडियो देखने के लिए नीचे दिये गए लिंक मे क्लिक करें:-

https://youtu.be/VgCS7Cz3o-s

देशवासियों से माफी मांग, तीनों कानून की वापसी का ऐलान प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशवासियों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा, ‘साथियों, मैं देशवासियों से क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी जिसके कारण दिए के प्रकाश जैसा सत्य, कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए।’ पीएम ने कहा कि चूंकि सरकार हर प्रयास के बावजूद किसानों को समझा नहीं पाई, इसलिए कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया गया है। पीएम ने कहा कि इसकी प्रक्रिया भी इसी संसद सत्र में पूरी कर दी जाएगी। मोदी ने कहा, ‘आज गुरु नानकदेव जी का प्रकाश पर्व है। यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है। आज मैं आपको, पूरे देश को यह बताने आया हूं कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में हम तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।’

आंदोलनकारियों से घर लौटने की अपील
प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान करते हुए आंदोलनरत किसानों से अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया। मोदी ने कहा, ‘मैं आज अपने सभी आंदोलनरात किसान साथियों से आग्रह कर रहा हूं कि गुरुपर्व के पवित्र दिन आप अपने-अपने घर लौटें, अपने खेतों में लौटें, अपने परिवार के बीच लौटें। आइए, एक नई शुरुआत करते हैं। नए सिरे से आगे बढ़ते हैं।’

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