पुणे
पुणे शहर में करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्श कार को तेज गति से दौड़ाने के चक्कर में 17 साल के लड़के ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो की मौत हो गई थी। पुणे पोर्श कांड मामले में लगातार नई-नई परतें खुलती जा रही हैं।
देश में इन दिनों पुणे में हुए सड़क हादसे की चर्चा हो रही है। यहां एक तेज रफ्तार लग्जरी कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। कार 17 साल का नाबालिग चला रहा था, जो शराब के नशे में धुत था। इस मामले में लगातार नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं। अब नाबालिग आरोपी के दादा सुरेंद्र अग्रवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर ड्राइवर को धमकाने और उसका अपहरण करने का आरोप है।
आज सुबह गिरफ्तार
एक अधिकारी के मुताबिक सुरेंद्र अग्रवाल ने ड्राइवर गंगाराम को धमकी दी थी। अपने बेटे विशाल अग्रवाल के साथ मिलकर ड्राइवर को यह बयान देने के लिए मजबूर किया था कि दुर्घटना के दौरान वो कार चला रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने सुरेंद्र अग्रवाल को शनिवार की सुबह करीब तीन बजे उनके घर से गिरफ्तार किया है।
एक दिन पहले, पुणे पुलिस प्रमुख अमितेश कुमार ने कहा था कि यह दिखाने का प्रयास किया गया था कि कार नाबालिग नहीं चला रहा था।
ड्राइवर की शिकायत पर कार्रवाई
पुणे क्राइम ब्रांच ने ड्राइवर गंगाराम की शिकायत पर सुरेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। उसने शिकायत की थी कि सुरेंद्र अग्रवाल और उसके लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। उसके साथ मारपीट की थी और पोर्श कार चलाने का दोष लेने की धमकी दी थी। उन्होंने बताया कि ड्राइवर की शिकायत पर यरवदा पुलिस ने किशोर के दादा और पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 (व्यक्ति को बंधक बनाकर रखने के इरादे से अपहरण) और 368 (गलत तरीके से छिपकर रखना या बंधक बनाकर रखना) के तहत मामला दर्ज किया है।