Menu
#Mumbai

प्रधानमंत्री मोदी का जातिगत जनगणना का निर्णय ऐतिहासिक: महेन्द्र भट्ट

देहरादून – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक और सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 94 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम विषय की ओर गंभीरता से कदम बढ़ाया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 12 मई, 2025
प्रधानमंत्री मोदी का जातिगत जनगणना का निर्णय ऐतिहासिक: महेन्द्र भट्ट

देहरादून – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक और सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 94 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम विषय की ओर गंभीरता से कदम बढ़ाया है, जिससे भारतीय समाज की आर्थिक और सामाजिक संरचना को वास्तविकता के साथ समझा जा सकेगा।

रविवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेन्द्र भट्ट ने कहा कि यह निर्णय विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। इससे न केवल पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, बल्कि केंद्र व राज्य सरकारें योजनाएं बनाते समय सटीक और प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर नीतियां तैयार कर सकेंगी।

भट्ट ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पिछली जातिगत जनगणना 1931 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुई थी, जब भारत में पाकिस्तान और बांग्लादेश भी शामिल थे। उस समय ओबीसी वर्ग की जनसंख्या लगभग 27 करोड़ और जनसंख्या में हिस्सेदारी 52% बताई गई थी। इसके बाद अनुसूचित जाति और जनजातियों को छोड़कर कोई राष्ट्रीय स्तर की जातिगत गणना नहीं हुई।

उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब-जब कांग्रेस विपक्ष में रही, उसने जातिगत गणना की वकालत की, लेकिन सत्ता में आने पर हमेशा इसे नजरअंदाज किया। 2010 में यूपीए सरकार ने मंत्रियों का समूह बनाकर इसे दिखावे के रूप में पेश किया, लेकिन 2011 की जनगणना में इसके लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को केवल एक राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल किया और कभी भी इसे व्यवहार में नहीं लाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई प्रधानमंत्रियों—नेहरू, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह तक—ने समय-समय पर जातिगत जनगणना का विरोध किया। यहां तक कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए जातीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट तक आज तक सार्वजनिक नहीं की गई, जो उनकी दोहरी नीति को उजागर करता है।

भट्ट ने यह भी जोड़ा कि मोदी सरकार ने पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण लागू कर यह स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब यह जातिगत जनगणना पूरी होगी, तब देश के सामने समाज का सच्चा आर्थिक चेहरा सामने आएगा और इससे हर वर्ग के उत्थान के लिए नीतियां बनाई जा सकेंगी।

इस मौके पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी ने कहा कि यह निर्णय उन लोगों को सशक्त करेगा जो अब तक समाज की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने संकीर्ण हितों से ऊपर उठकर इस पहल का समर्थन करें।

पत्रकार वार्ता में दर्जाधारी सुरेश भट्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, संपर्क प्रमुख राजीव तलवार और सत्यवीर चौहान भी मौजूद रहे।

Tagged:
Share This Article