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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कर्ज की स्थिति को लेकर किया सचेत : वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कर्ज की स्थिति को लेकर सचेत है और उसने यह सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय प्रबंधन किया है, ताकि आने वाली पीढ़ी पर बोझ न पड़े। निर्मला सीतारमण ने कहा कि निवेशकों और व्यवसायों को फैसले करते समय …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 20 अक्ट, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कर्ज की स्थिति को लेकर किया सचेत : वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कर्ज की स्थिति को लेकर सचेत है और उसने यह सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय प्रबंधन किया है, ताकि आने वाली पीढ़ी पर बोझ न पड़े।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि निवेशकों और व्यवसायों को फैसले करते समय वैश्विक आतंकवाद के प्रभाव को ध्यान में रखना होगा।

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना देश में वित्तीय समावेशन लाने का सबसे बड़ा साधन बनकर उभरी है।

कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 के उद्घाटन के बाद सीतारमण ने बहुपक्षीय संस्थानों पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी), डब्ल्यूएचओ और डब्ल्यूटीओ जैसी संस्थाओं का प्रभाव कम हो गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 को संबोधित किया।

इस अवसर पर निर्मला सीतारमण कहा कि 2014 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) देश में वित्तीय समावेशन लाने का सबसे बड़ा साधन बनकर उभरी है।

इनमें दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का कोष मौजूद है। वित्त मंत्री ने कहा कि 50 से अधिक सरकारी योजनाओं के तहत लाभ (राशि) सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जा रहे हैं।

इसमें पीएमजेडीवाई ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विकास बैंक, डब्ल्यूएचओ और डब्ल्यूटीओ जैसी संस्थाओं का प्रभाव कम हुआ है।

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