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उत्तराखंड के लिए गर्व का पल: स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में मिला ‘लीडर’ का दर्जा, केंद्र सरकार ने थपथपाई पीठ.

देहरादून: उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों में एक और नया अध्याय जोड़ लिया है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग के 5वें संस्करण में उत्तराखंड को ‘लीडर’ (Leader) की श्रेणी में स्थान दिया है। एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए राज्य …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 जन, 2026
उत्तराखंड के लिए गर्व का पल: स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में मिला ‘लीडर’ का दर्जा, केंद्र सरकार ने थपथपाई पीठ.

देहरादून: उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों में एक और नया अध्याय जोड़ लिया है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग के 5वें संस्करण में उत्तराखंड को ‘लीडर’ (Leader) की श्रेणी में स्थान दिया है। एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए राज्य को यह प्रतिष्ठित दर्जा मिला है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के उद्योग विभाग को ‘सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन’ देकर सम्मानित किया।

नवाचार और उद्यमिता में राज्य ने पेश किया मॉडल उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी यह रैंकिंग दर्शाती है कि उत्तराखंड ने स्टार्टअप नीति के जरिए राज्य में नवाचार (Innovation) और निवेश का बेहतरीन माहौल तैयार किया है। यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि राज्य सरकार की नीतियां युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने में सफल हो रही हैं। अब उत्तराखंड की स्टार्टअप नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

सीएम धामी बोले- ‘युवाओं की क्षमता का परिणाम’ राज्य को मिले इस सम्मान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। सीएम धामी ने कहा, “हमारी सरकार ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां बनाई हैं और प्रक्रियाओं को बेहद सरल किया है। उत्तराखंड के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। यह ‘लीडर’ का दर्जा हमारे उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों का ही फल है।”

पहाड़ पर पलायन रोकने में ‘स्टार्टअप’ बने हथियार गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं को आर्थिक मदद, ऋण और सब्सिडी जैसी सुविधाएं प्रदान कर रही है। इन नीतियों का जमीनी असर अब दिखने लगा है:

  1. गांवों में रोजगार: कई युवाओं ने सरकारी मदद से अपने गांवों में ही स्टार्टअप शुरू किए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

  2. पलायन पर चोट: पहाड़ से होने वाले पलायन को रोकने में ये स्टार्टअप्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। युवा अब शहरों की ओर भागने के बजाय अपने घर पर ही स्वरोजगार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के ऐसे युवा उद्यमियों से संवाद कर चुके हैं और उनके जज्बे की सराहना कर चुके हैं।

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