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पोकरण में गूंजी Rudra Shakti : भारतीय सेना ने परखी अपनी विध्वंसक क्षमता; ड्रोन, हेलिकॉप्टर और टैंकों के साथ किया ‘इंटीग्रेटेड वारफेयर’ का प्रदर्शन.

जैसलमेर/पोकरण (10 फरवरी 2026): रेगिस्तान की तपती धूप और रेत के बीच भारतीय सेना ने अपनी युद्धक क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन किया है। जैसलमेर की पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की दक्षिणी कमान ने ‘एक्सरसाइज रुद्र शक्ति’ (Exercise Rudra Shakti) के जरिए अपनी तैयारियों को परखा। इस अभ्यास में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 10 फ़र, 2026
पोकरण में गूंजी Rudra Shakti : भारतीय सेना ने परखी अपनी विध्वंसक क्षमता; ड्रोन, हेलिकॉप्टर और टैंकों के साथ किया ‘इंटीग्रेटेड वारफेयर’ का प्रदर्शन.

जैसलमेर/पोकरण (10 फरवरी 2026): रेगिस्तान की तपती धूप और रेत के बीच भारतीय सेना ने अपनी युद्धक क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन किया है। जैसलमेर की पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की दक्षिणी कमान ने ‘एक्सरसाइज रुद्र शक्ति’ (Exercise Rudra Shakti) के जरिए अपनी तैयारियों को परखा। इस अभ्यास में सेना ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक हथियारों के तालमेल से दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की रणनीति का अभ्यास किया।

भारतीय सेना ने परखी अपनी विध्वंसक क्षमता; ड्रोन, हेलिकॉप्टर और टैंकों के साथ किया ‘इंटीग्रेटेड वारफेयर’ का प्रदर्शन

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने की समीक्षा दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस ऑल-आर्म्स युद्धाभ्यास की समीक्षा की। लाइव फायरिंग: अभ्यास के दौरान लाइव फायरिंग की गई, जिसमें तोपखाने और टैंकों की गरज से पूरा पोकरण गूंज उठा।

फोकस: सेना का पूरा जोर ‘नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली’ और उच्च तीव्रता वाली संयुक्त सैन्य कार्रवाई पर रहा।

‘रुद्र ब्रिगेड’: भविष्य के युद्ध की तैयारी सेना ने बताया कि यह अभ्यास ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’ का फॉलोअप (Follow-up) है। इसके तहत ‘रुद्र ब्रिगेड’ को एक एकीकृत ऑल-आर्म्स फॉर्मेशन (Integrated All-Arms Formation) के रूप में विकसित किया गया है।

तालमेल: इसमें पैदल सेना आर्मर्ड  मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, तोपखाना और वायु रक्षा जैसी इकाइयों का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।अभ्यास में आर्मी एविएशन के अटैक हेलीकॉप्टर्स और मानवरहित प्रणालियों  का समन्वित उपयोग किया गया, जो मल्टी-डोमेन ऑपरेशन में सेना को तेज और घातक बनाता है।

 समीक्षा के दौरान सेना कमांडर ने सैनिकों की पेशेवर दक्षता और मिशन-तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास भारतीय सेना को तकनीक-सशक्त और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

 

 

 

 

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