Menu
#Mumbai

देहरादून की ग्रामीण महिलाओं ने बदली तस्वीर, ऑर्गेनिक सब्जियों की सप्लाई से बढ़ी आत्मनिर्भरता

देहरादून के सहसपुर विकासखंड की महिलाएं आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिख रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं ने गांवों में उगाई जा रही ऑर्गेनिक सब्जियों को सीधे बाजार तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया है। जिला प्रशासन, उद्यान विभाग और ग्रामोत्थान (रीप) की पहल से शुरू …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 जुल, 2026
देहरादून की ग्रामीण महिलाओं ने बदली तस्वीर, ऑर्गेनिक सब्जियों की सप्लाई से बढ़ी आत्मनिर्भरता

देहरादून के सहसपुर विकासखंड की महिलाएं आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिख रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं ने गांवों में उगाई जा रही ऑर्गेनिक सब्जियों को सीधे बाजार तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया है। जिला प्रशासन, उद्यान विभाग और ग्रामोत्थान (रीप) की पहल से शुरू हुई इस मुहिम ने किसानों और ग्रामीण महिलाओं दोनों को आर्थिक मजबूती दी है।

सहसपुर ब्लॉक के आमवाला क्षेत्र की कोटरा संतुर की महिलाएं आसपास के गांवों से किसानों द्वारा उगाई गई ताजी और जैविक सब्जियां एकत्र करती हैं। इसके बाद इन्हें सीमाद्वार स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों तक पहुंचाया जाता है। इस सीधी आपूर्ति व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हुई है।

इस पहल से जुड़ी महिलाओं को हर आपूर्ति के दौरान करीब 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। सब्जियों की गुणवत्ता और मांग को देखते हुए आने वाले समय में इसकी आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। मांग बढ़ने पर विकासनगर, लांघा और डोईवाला जैसे क्षेत्रों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।

जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं हर 15 दिन में आईटीबीपी को ऑर्गेनिक सब्जियों की आपूर्ति कर रही हैं। वर्तमान में यह आपूर्ति आईटीबीपी की कुल मांग का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर रही है।

अप्रैल से अब तक महिलाओं के समूह की ओर से पांच बार में करीब 13 कुंतल (1,344 किलोग्राम) से अधिक सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है। यह पहल न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दे रही है।

Tagged:
Share This Article