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​पहाड़ में ‘सेहत’ की संजीवनी: 3.50 लाख तक की सैलरी पर मिले स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स; अल्मोड़ा, चमोली समेत इन जिलों को मिली बड़ी सौगात

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) का टोटा खत्म करने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। “यू कोट वी पे” (You Quote We Pay) मॉडल—जिसमें डॉक्टर अपनी मुंहमांगी सैलरी मांगते हैं—के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने पर्वतीय जिलों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती कर …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 जन, 2026
​पहाड़ में ‘सेहत’ की संजीवनी: 3.50 लाख तक की सैलरी पर मिले स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स; अल्मोड़ा, चमोली समेत इन जिलों को मिली बड़ी सौगात

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) का टोटा खत्म करने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। “यू कोट वी पे” (You Quote We Pay) मॉडल—जिसमें डॉक्टर अपनी मुंहमांगी सैलरी मांगते हैं—के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने पर्वतीय जिलों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती कर दी है। इन डॉक्टरों को 2.89 लाख से लेकर 3.50 लाख रुपये प्रतिमाह तक का भारी-भरकम मानदेय दिया जाएगा।

पहाड़ के सरकारी अस्पतालों में अक्सर मशीने तो होती हैं, लेकिन उन्हें चलाने वाले एनेस्थेटिस्ट या सर्जरी करने वाले गायनोलॉजिस्ट नहीं होते। इसी खाई को पाटने के लिए 3 दिसंबर 2025 को साक्षात्कार हुए थे। अब अल्मोड़ा, चमोली, पौड़ी और पिथौरागढ़ के दुर्गम अस्पतालों में एनेस्थीसिया, स्त्री रोग और बाल रोग विशेषज्ञों को भेजा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने जिन डॉक्टरों की तैनाती की है, उससे सबसे बड़ी राहत गर्भवती महिलाओं और नवजातों को मिलेगी। तैनाती की सूची इस प्रकार है:

​अल्मोड़ा (चौखुटिया CHC): यहाँ एक साथ तीन स्पेशलिस्ट मिले हैं। एनेस्थेटिस्ट डॉ. आर. हेमचंद्रन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. देविका खत्री और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत गुप्ता। अब यहाँ सिजेरियन डिलीवरी और बच्चों का इलाज संभव हो सकेगा।

​चमोली (गैरसैंण उप जिला चिकित्सालय): ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र में एनेस्थेटिस्ट डॉ. विशाल प्रताप सिंह और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा भानुदास मुरकुटे को तैनात किया गया है।

​पौड़ी गढ़वाल (बीरोंखाल CHC): यहाँ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता थपलियाल मोर्चा संभालेंगी।

​पिथौरागढ़ (डीडीहाट CHC): सीमांत क्षेत्र में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किशन सिंह महर बच्चों का इलाज करेंगे।

​11 महीने का कॉन्ट्रैक्ट, काम अच्छा तो सेवा विस्तार

फिलहाल इन डॉक्टरों की नियुक्ति संविदा के आधार पर 11 माह के लिए की गई है। अगर इनका परफॉरमेंस (कार्य निष्पादन) अच्छा रहता है, तो इनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा। चयनित डॉक्टरों को जल्द से जल्द संबंधित जिलों के सीएमओ ऑफिस में ज्वाइनिंग देनी होगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इसे पर्वतीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा:

​”सरकार का मकसद साफ है—पहाड़ और सीमांत क्षेत्र के नागरिक को भी वही इलाज मिले जो शहर में मिलता है। इन नियुक्तियों से न केवल रेफरल केस कम होंगे, बल्कि मातृ और शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी। हम जनहित में आगे भी ऐसे कड़े और बड़े फैसले लेते रहेंगे।”

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