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धर्म जागरण समन्वय के संस्कृति आयाम द्वारा आयोजित विद्वत बैठक

हरिद्वार/देहरादून, 11 नवंबर: राम मंदिर, रुड़की में धर्म जागरण समन्वय के संस्कृति आयाम द्वारा पुरोहित समागम कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समागम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और अतिथियों …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 11 नव, 2025
धर्म जागरण समन्वय के संस्कृति आयाम द्वारा आयोजित विद्वत बैठक

हरिद्वार/देहरादून, 11 नवंबर: राम मंदिर, रुड़की में धर्म जागरण समन्वय के संस्कृति आयाम द्वारा पुरोहित समागम कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समागम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और अतिथियों के सम्मान के साथ किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपने 25 वर्ष की विकास यात्रा पूरी कर रजत जयंती समारोह उत्साहपूर्वक मना रहा है। इन 25 वर्षों में राज्य ने कई महत्वपूर्ण और गौरवशाली उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें राज्य ने 103 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। राज्य ने इन 25 वर्षों में अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना, प्रति व्यक्ति आय 18 गुना और बजट 20 गुना से अधिक बढ़ा है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनकर उत्तराखंड ने अपनी विशेष पहचान स्थापित की है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि मातृ शक्ति, युवा शक्ति, राज्य आंदोलनकारी, पूर्व सैनिक और प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी से आत्मनिर्भर और शक्तिशाली उत्तराखंड का निर्माण किया जा रहा है।

उन्होंने पुरोहित समाज की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि यह समाज सदैव ज्ञान, संस्कार और धार्मिकता का केंद्र रहा है। सनातन संस्कृति के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में पुरोहित समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर इस समाज को और सशक्त बनाना होगा ताकि सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके।

द्विवेदी ने कहा कि आज उत्तराखंड सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास का केंद्र बन रहा है। संत समाज प्रदेश में सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण और धार्मिक-सांस्कृतिक उन्नयन के कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2027 में हरिद्वार कुंभ को भव्य, दिव्य और विश्वस्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। कुंभ केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का महासंगम है।

कार्यक्रम को अवधूत मंडल आश्रम के महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश, दायित्वधारी शोभाराम प्रजापति, दीपक गुलाटी, पंडित कैलाश सेमवाल, पद्म गिरी (विभाग संयोजक धर्म जागरण समन्वय हरिद्वार), लोकेन्द्र त्यागी (विभाग संयोजक धर्म जागरण समन्वय हरिद्वार), ओम जी वैदिक (जिला प्रमुख संस्कृति आयाम धर्म जागरण समन्वय रुड़की) और किसलय कुमार (प्रांत संयोजक धर्म जागरण समन्वयक) ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर सभासद अल्का सैनी, दीपा कौशिक, ऋषि सेनी, आलोक तोमर, राजीव, आचार्य रजनीश शास्त्री, संजय पालीवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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