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जरूरतमंदों के साथ बांटे अपनी खुशियाँं -राज्यपाल

  देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) तथा लेडी गवर्नर श्रीमती गुरमीत कौर ने गुरूवार को शार्प मेमोरियल स्कूल फॉर द ब्लाइन्ड देहरादून के 50 से अधिक नेत्रहीन बच्चों के साथ राजभवन में होली मनाई। राज्यपाल तथा लेड़ी गवर्नर ने बच्चों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 मा, 2022
जरूरतमंदों के साथ बांटे अपनी खुशियाँं -राज्यपाल

 

देहरादून।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) तथा लेडी गवर्नर श्रीमती गुरमीत कौर ने गुरूवार को शार्प मेमोरियल स्कूल फॉर द ब्लाइन्ड देहरादून के 50 से अधिक नेत्रहीन बच्चों के साथ राजभवन में होली मनाई। राज्यपाल तथा लेड़ी गवर्नर ने बच्चों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें रंग और गुलाल लगाया तथा उपहार भेंट किए। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) बच्चों को धनराशि भी भेंट की तथा भविष्य में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर यह बच्चें किसी भी प्रकार की सहायता हेतु राज्यपाल से सम्पर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर राजभवन में बच्चों के लिए संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। श्री कैलाश ध्यानी तथा भारतीय सेना के प्रतिनिधियों ने बच्चों की पसन्द के गीतों पर बांसुरी वादन किया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बच्चों से कहा कि राजभवन उत्तराखण्ड के लिए यह एक सौभाग्य का अवसर है कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों से आए बच्चे यहाँ होली मना रहे हैं। राजभवन के द्वार जरूरतमंद बच्चों व दिव्यांगजनों के लिए सदैव खुले हैं। भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए बच्चें राजभवन में सम्पर्क कर सकते हैं। राज्यपाल ने अपील की कि सक्षम व सम्पन्न लोग अपनी खुशियां जरूरतमंदों व दिव्यांगजनों के साथ बांटे। लोगों को अपनी त्यौहार, उत्सव, जन्मदिन आदि महत्वपूर्ण अवसर जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाने चाहिए तथा उनकी मदद करनी चाहिए। विद्यालयों में भी बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करने चाहिए कि वे अपनी खुशियों के पल अपने जरूरतमंद साथियों के साथ बांटे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करना होगा। सरकारी योजनाओं के साथ ही इसमें वॉलियन्टर्स, समाज सेवकों, एनजीओं, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं तथा व्यक्तिगत प्रयासों की अहम भूमिका है। दिव्यांग बच्चें विशेष प्रतिभाओं के धनी हैं। उनकी प्रतिभाओं और क्षमताओं को विकास के लिए समान अवसर प्रदान करना हम सबका कर्तव्य हैं। समाज के विकास और राष्ट्रनिर्माण में दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राजभवन उत्तराखण्ड हर संभव सहयोग करेगा।

 

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