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बर्फ से ढकी ‘फूलों की घाटी’ बनी स्वर्ग जैसी खूबसूरत, 31 अक्तूबर से बंद होगी आवाजाही

ज्योतिर्मठ (चमोली): विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी इन दिनों अपनी अनोखी बर्फीली सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। समय से पहले हुई बर्फबारी ने पूरी घाटी को सफेद चादर में ढक दिया है, जिससे यह प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा पेश कर रही है। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 13 अक्ट, 2025
बर्फ से ढकी ‘फूलों की घाटी’ बनी स्वर्ग जैसी खूबसूरत, 31 अक्तूबर से बंद होगी आवाजाही

ज्योतिर्मठ (चमोली): विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी इन दिनों अपनी अनोखी बर्फीली सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। समय से पहले हुई बर्फबारी ने पूरी घाटी को सफेद चादर में ढक दिया है, जिससे यह प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा पेश कर रही है।

बर्फ से लकदक नजारा

इस बार अक्टूबर की शुरुआत में ही घाटी में बर्फबारी होने से फूलों की घाटी अब बर्फ से लकदक नजर आ रही है। जहां पहले घाटी रंग-बिरंगे फूलों से सजी रहती थी, वहीं अब हर ओर बर्फ की परतें और चमचमाते स्लोप नजर आ रहे हैं। बर्फ की चादर से ढकी पहाड़ियां घाटी को और भी मनमोहक और आकर्षक दृश्य प्रदान कर रही हैं।

पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही

घाटी के बर्फीले नज़ारों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक लगातार पहुंच रहे हैं। बर्फ पर ट्रैकिंग का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए यह अनुभव किसी रोमांच से कम नहीं है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही यात्रा करें।

31 अक्तूबर को बंद होगी आवाजाही

वन विभाग के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी 31 अक्तूबर को फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद यहां बर्फबारी और कठोर मौसम के चलते आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। घाटी को फिर अगले वर्ष जून में खोला जाएगा।

अब फूलों की जगह बर्फ ने ली जगह

हालांकि अब घाटी में फूलों की संख्या कम हो चुकी है, लेकिन बर्फबारी ने उसकी जगह प्राकृतिक सुंदरता का नया रंग भर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, “इस बार की जल्दी बर्फबारी ने घाटी को किसी स्वर्ग से कम नहीं बना दिया है।”

फूलों की घाटी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और हर साल हजारों सैलानी इसकी प्राकृतिक विविधता और दुर्लभ वनस्पतियों को देखने के लिए यहां आते हैं।

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