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देहरादून में अबतक 96 होमस्टे का रजिस्ट्रेशन कैंसिल, पर्यटन विभाग ने भी लिया एक्शन

जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश अनुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है. जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 15 मई, 2026
देहरादून में अबतक 96 होमस्टे का रजिस्ट्रेशन कैंसिल, पर्यटन विभाग ने भी लिया एक्शन

जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश अनुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है. जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है. जिसमें प्रथम चरण में 17 और द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं. संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है.

जिला प्रशासन की मजिस्ट्रेट टीमों ने अब तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरित संचालित मिले 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से हटाने प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 ओर द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है और आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी.

जिलाधिकारी के निर्देश अनुसार सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया. समितियों ने निरीक्षण के बाद 96 होमस्टे ऐसे पाए गए. ये सभी उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे. इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई. जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई.

निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई. अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई. होमस्टे का उपयोग बारात घर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया. इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था. निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था. पिछले दिनों निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी. कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए.

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है. निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया. जिससे अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था.

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