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बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त कार्रवाई, देहरादून के मेडिकल स्टोरों से जब्त किए गए पेडियाट्रिक कफ सिरप

देहरादून: केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीमें प्रदेशभर में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 अक्ट, 2025
बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त कार्रवाई, देहरादून के मेडिकल स्टोरों से जब्त किए गए पेडियाट्रिक कफ सिरप

देहरादून: केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीमें प्रदेशभर में औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं।

इस क्रम में देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सिरप पाए गए, जिन्हें नियमानुसार जब्त (सीज़) कर परीक्षण के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजा गया। कुल 6 पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने फॉर्म-17 के तहत एकत्रित किए गए हैं।

नियमों के पालन को लेकर सख्ती

उप आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित कफ सिरप जैसे Coldrif, Respifresh TR या Relife उपलब्ध नहीं थे। निरीक्षण का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि केवल अनुमोदित, सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत औषधियाँ ही उपलब्ध हों।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियाँ पाए जाने पर खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की प्रतिबद्धता और जनस्वास्थ्य सर्वोपरि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज किया जाए।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की सूचना तुरंत निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें।

निरीक्षण टीम और नेतृत्व

इस अभियान का नेतृत्व उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी कर रहे हैं। टीम में सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्रीमती निधि रतूड़ी और औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी शामिल हैं।

टीम ने स्पष्ट किया कि यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों में जारी रहेगा और सभी मेडिकल स्टोरों की निरंतर निगरानी की जाएगी, ताकि आमजन तक केवल सुरक्षित और मानक औषधियाँ ही पहुँचें।

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