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गूंगे को आवाज़ देने वाला गणनाथ मंदिर उत्तराखंड में !

गूंगे को आवाज़ देने वाला गणनाथ मंदिर उत्तराखंड में ! : चमत्कार कहिये , मान्यता और विश्वास कहिये या संयोग लेकिन हमारे देश में आस्था की जड़े बेहद गहरी है। ऐसा ही एक चमत्कारिक मंदिर है देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित गणनाथ मंदिर , जो अल्मोड़ा जिला मुख्यालय …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 16 जून, 2025
गूंगे को आवाज़ देने वाला गणनाथ मंदिर उत्तराखंड में !

गूंगे को आवाज़ देने वाला गणनाथ मंदिर उत्तराखंड में ! : चमत्कार कहिये , मान्यता और विश्वास कहिये या संयोग लेकिन हमारे देश में आस्था की जड़े बेहद गहरी है। ऐसा ही एक चमत्कारिक मंदिर है देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित गणनाथ मंदिर , जो अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से 47 किलोमीटर दूर, अपनी गुफाओं और शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर में आयोजित कार्तिक पूर्णिमा के मेले के दौरान, पूरे क्षेत्र में तालबद्ध भजनों की आवाज़ और लोक गीत लोगों को लुभाते हैं। समुद्रतल से 2116 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित गणनाथ का मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर के बारे में इसके नाम से ही जाना जा सकता है कि यहं पर स्थापित भगवान शिव अपने चंड-मुंड गणों के स्वामी हैं।

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सघन वनों के बीच यहाँ एक प्राचीन गुफा में भगवान शिव का लिंग स्थापित है। गुफा के ठीक ऊपर से बहकर आती जलधारा एक वटवृक्ष के ऊपर गिरती है जिसकी जटाओं को शिव की जटाएं कहा जाता है। इन्हीं से होकर गुजरने वाली बूंदें शिवलिंग पर टपकती रहती हैं। इस जल को बहुत पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस कुंड के जल को पीने से जन्म के बाद जिन बच्चों को बोलने में समस्या आती है, इस पवित्र जल को पीने से उनकी आवाज खुल जाती है।गणनाथ में विष्णु भगवान की एक भव्य प्रतिमा भी स्थापित है जिसके बारे में जनश्रुति है कि वह पहले बैजनाथ में थी। मंदिर में भैरव, देवी और योगधारी की पुरानी प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। गणनाथ के मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा और होली के अवसरों पर मेले आयोजित होते हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रहती है।

कमलेश्वर और जागेश्वर मंदिर के समान ही यहाँ पर भी वैकुण्ठ चतुर्दशी (कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी) के अवसर पर निसंतान व पुत्र संतति की कामना करने वाली महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए हाथों में दिया लेकर यहाँ रात भर जागरण करती हैं। आत्मिक शान्ति प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के लिए गणानाथ आज भी एक अतुलनीय स्थान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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गणनाथ मंदिर तक कैसे पहुंचे ?

अगर आप भी अल्मोड़ा जिले के गणनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने की सोच रहे हैं तो आपके लिए गणनाथ मंदिर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पंतनगर में स्थित है। यहां से आप सड़क मार्ग से गणनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं। पंतनगर हवाई अड्डे से अल्मोड़ा के ताकुला में स्थित गणनाथ मंदिर की दूरी करीब 160 किलोमीटर है। साथ ही दिल्ली से आप काठगोदाम रेलवे स्टेशन ट्रेन से पहुंच सकते हैं और फिर यहां से सड़क मार्ग से अल्मोड़ा और फिर आगे ताकुला स्थित गणनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं।

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