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नगरासू गुरुद्वारे में तनाव बरकरार, छत से उतरे 2 निहंग, 5 अब भी मौजूद

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून से जारी विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ता दिख रहा है। करीब 36 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह गुरुद्वारे की छत पर डटे दो निहंग नीचे उतर आए, जबकि पांच निहंग अब भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 22 जून, 2026
नगरासू गुरुद्वारे में तनाव बरकरार, छत से उतरे 2 निहंग, 5 अब भी मौजूद

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून से जारी विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ता दिख रहा है। करीब 36 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह गुरुद्वारे की छत पर डटे दो निहंग नीचे उतर आए, जबकि पांच निहंग अब भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर गुरुद्वारे के बाहर आईटीबीपी और पुलिस बल तैनात है। प्रशासन को उम्मीद है कि आज ही मामला सुलझ जाएगा। इंटरनेट सेवाएं भी शुरू हो गई है। प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाहों  से बचने की अपील की है

सुरक्षा व्यवस्था के भी किये गए कड़े इंतजाम 

नगरासू गुरुद्वारे में तनावपूर्ण स्थिति के बीच सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद पांच निहंगों में से एक निहंग को भोजन लेने के लिए नीचे आया। इस दौरान ऊपर मौजूद अन्य चार निहंगों ने अपने साथी को सुरक्षा देने के उद्देश्य से पथराव कर दिया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सोमवार सुबह गुरुद्वारे के बाहर आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात कर दिया। वहीं, प्रशासन से माफी मांगने के बाद दो निहंग अपने घर लौट चुके हैं, जबकि पांच निहंग अब भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं। प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर रहा है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नगरासू गुरुद्वारा विवाद  ने खड़े किए कई सवाल
प्रशासन भले ही स्थिति को नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बता रहा हो, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल  यह है कि आखिर सात निहंगों के गुरुद्वारे में प्रवेश करने और विवाद की स्थिति बनने तक प्रशासनिक  तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? यदि यह पूरी घटना अचानक हुई, तो फिर मामला 36 घंटे से अधिक समय तक क्यों खिंचा? वहीं, यदि इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी, सुरक्षा एजेंसियां समय रहते सतर्क क्यों नहीं हो सकीं? चारधाम यात्रा के संवेदनशील मार्ग पर स्थित नगरासू में हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती हुई दिख रही है ।
बढ़ते विवाद  को देखते हुए  डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा 

नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर लगातार मौके पर उपस्थित रहे ।  दूसरे दिन सुबह से ही दोनों  अधिकारी गुरुद्वारा परिसर में मौजूद रहकर स्थिति की सीधे निगरानी करते रहे। प्रशासन की ओर से गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद निहंगों से फोन और माइक के माध्यम से लगातार बात की गई ।  कई घंटों तक चली बातचीत का असर भी दिखाई दिया । प्रशासन के प्रयासों के बाद दो निहंग शांतिपूर्वक नीचे उतर आए जबकि पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे की सबसे ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं।

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