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मुख्यमंत्री पहनते हैं ये ख़ास पोशाक

मुख्यमंत्री पहनते हैं ये ख़ास पोशाक : क्या आप जानते हैं लगातार पहाड़ों में बर्फबारी , सर्दी और मौसम की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी क्यों फिट और स्वस्थ रहते हैं। दरअसल इसकी वजह उनकी वो ख़ास पोशाक है जो तैयार होती है मलारी,मुनस्यारी सहित प्रदेश के पहाड़ी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 04 जन, 2025
मुख्यमंत्री पहनते हैं ये ख़ास पोशाक

मुख्यमंत्री पहनते हैं ये ख़ास पोशाक :  क्या आप जानते हैं लगातार पहाड़ों  में बर्फबारी , सर्दी और मौसम की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी क्यों फिट और स्वस्थ रहते हैं। दरअसल इसकी वजह उनकी वो ख़ास पोशाक है जो तैयार होती है  मलारी,मुनस्यारी सहित प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में ... जी हाँ सीएम धामी ट्वीड से बनी जैकेट पहनकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं। लगातार सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनको राज्य के बने उत्पाद दे तैयार वस्त्रों के पहने हुए देखा जा सकता है। यह पहल राज्य के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और उनकी ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।

पहनते हैं मलारी और मुनस्यारी के ट्वीड से बनी जैकेट,मफलर

मुख्यमंत्री ने इसके पूर्व राज्य के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें। यह कदम न केवल राज्य के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को आर्थिक समर्थन प्रदान करेगा, बल्कि उत्तराखंड के अनूठे हस्तशिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को जीवित रखें। मुनस्यारी के ट्वीड जैसे उत्पाद हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक हैं। सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बढ़ावा मिले।”

सीएम ने वोकल फॉर लोकल’ को दिया बढ़ावा

सरकार के इस कदम से स्थानीय उद्योगों को नया जीवन मिलेगा और राज्य में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस पहल से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि स्थानीय उत्पाद पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों से भी अपेक्षा की है सभी लोग स्थानीय उत्पाद का उपयोग करें और कपड़े व स्थानीय ऊन से तैयार वस्त्रों को पहन कर इस अभियान को बढ़ावा दें।

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