Menu
#Mumbai

नया साल आया, लेकिन नहीं आई उत्तराखंड कांग्रेस की सूची

उत्तराखंड में भले ही नया साल शुरू हो गया हो, लेकिन प्रदेश कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर जहां प्रदेश की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगती नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस एक बार …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 05 जन, 2026
नया साल आया, लेकिन नहीं आई उत्तराखंड कांग्रेस की सूची

उत्तराखंड में भले ही नया साल शुरू हो गया हो, लेकिन प्रदेश कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर जहां प्रदेश की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगती नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस एक बार फिर अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक असमंजस में उलझी हुई दिखाई दे रही है।

देहरादून में साल 2026 की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल चुनावी रणनीति बनाने, संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। लेकिन कांग्रेस की स्थिति इससे अलग नजर आ रही है। पार्टी की वह सूची, जिसका इंतजार कार्यकर्ता लंबे समय से कर रहे हैं, अब भी बैठकों और फाइलों तक ही सीमित बनी हुई है।

दरअसल, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछले कई वर्षों से पूर्ण कार्यकारिणी के बिना ही काम कर रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन मेहरा अपने लगभग तीन साल के कार्यकाल के दौरान नई कार्यकारिणी की घोषणा नहीं कर सके। इसके चलते पार्टी को पुरानी कार्यकारिणी के सहारे ही संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभानी पड़ीं, जिसका असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दिया।

पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि नेतृत्व को लेकर मतभेद और गुटबाजी के चलते नई सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। संगठनात्मक ढांचे के अधूरेपन का खामियाजा पार्टी को कई चुनावी और राजनीतिक मौकों पर उठाना पड़ा है। कार्यकर्ताओं में भी इसे लेकर निराशा और असंतोष देखने को मिल रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि कांग्रेस को 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूत चुनौती पेश करनी है, तो उसे जल्द से जल्द संगठन को दुरुस्त करना होगा। कार्यकारिणी की घोषणा में देरी पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारी पर सवाल खड़े कर रही है।

अब देखना यह होगा कि नए साल में कांग्रेस नेतृत्व इस लंबे समय से चली आ रही उलझन को सुलझा पाता है या फिर सूची का इंतजार पार्टी कार्यकर्ताओं को और लंबा करना पड़ेगा।

Tagged:
Share This Article