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तुंगनाथ मंदिर की जीर्ण-शीर्ण छतरी का जीर्णोद्धार कार्य विधि- विधान, पूजा- अर्चना के पश्चात रविवार 17 सितंबर से हो गया है शुरू

उत्तराखंड श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) द्वारा विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई तेरह हजार फीट पर स्थित आस्था का केन्द्र प्रसिद्ध शिव मंदिर तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर की जीर्ण-शीर्ण छतरी का जीर्णोद्धार कार्य विधि- विधान पूजा- अर्चना के पश्चात रविवार 17 सितंबर से शुरू हो गया है।उल्लेखनीय …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 सित, 2023

उत्तराखंड 

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) द्वारा विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई तेरह हजार फीट पर स्थित आस्था का केन्द्र प्रसिद्ध शिव मंदिर तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर की जीर्ण-शीर्ण छतरी का जीर्णोद्धार कार्य विधि- विधान पूजा- अर्चना के पश्चात रविवार 17 सितंबर से शुरू हो गया है।उल्लेखनीय है तेरह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पंच केदार में शुमार श्री तुंगनाथ मंदिर में भगवान शिव के बाहु तथा ह्रदय भाग की पूजा होती है और यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते है श्री तुंगनाथ घाटी स्थित चोपता तथा दुग्गलबिट्टा को उत्तराखंड का स्वीटजरलैंड भी कहा जाता है इन्हीं पड़ावों से होकर तीर्थयात्री भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन को पहुंचते हैं।

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य पर भी विचार हो रहा है। मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि स्थानीय जनता की वर्षों पहले की मांगपर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष का पदभार संभालते ही अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंदिर जीर्णोद्धार की पहल की है।

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