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राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने का प्रयास: सीएम धामी

राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने उद्देश्य पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नो पेंडेंसी नीति अपनाई है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राज्य में लागू किया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तराखंड …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 दिस्, 2022
राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने का प्रयास: सीएम धामी

राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने उद्देश्य पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नो पेंडेंसी नीति अपनाई है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राज्य में लागू किया है।

उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तराखंड एनईपी-2020 के प्रावधानों को समग्र रूप से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि एनएएसी मान्यता की गुणवत्ता और सिफारिश रिपोर्ट उच्च शिक्षा क्षेत्र में सरकार के काम की एक विस्तृत रूपरेखा प्रदान करने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि नैक का क्षेत्रीय कार्यालय राज्य और इसके आसपास के राज्यों के लिए एक बड़ा उपहार होगा।

सीएम ने कहा कि एनईपी-2020 के प्रावधानों के अनुसार संस्थानों का मूल्यांकन और मान्यता अनिवार्य है और नैक के विशेषज्ञ राज्य में संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेंगे।

सीएम ने कहा कि देश में पुरानी और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मिलाकर कई नवाचार किए जा रहे हैं।

नई पीढ़ी अब एनईपी-2020 से देश के वास्तविक इतिहास और देश की समृद्ध संस्कृति से परिचित होगी।

शिक्षा नीति से युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने में मदद मिलेगी।

शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चिंतन शिविर के तहत कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

राज्य में 35 विश्वविद्यालय, 119 सरकारी डिग्री कॉलेज और 300 से अधिक निजी कॉलेज हैं।

मंत्री ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों और 19 देशों से छात्र उच्च शिक्षा के लिए उत्तराखंड आते हैं।

मंत्री ने कहा कि नैक के साथ समन्वय के लिए हर डिग्री कॉलेज में विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

विभाग ने वर्ष 2025 तक प्रदेश में 25 महाविद्यालयों को आदर्श महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है।

रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा के संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने और राज्य में शिक्षण के स्तर को अद्यतन करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सीएम की उपस्थिति में आधुनिकीकरण, कौशल और उद्यमिता विकास के लिए उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

 

 

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