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देश में एलपीजी का संकट नहीं, फिर भी उपभोक्ताओं में भारी घबराहट; रेस्तरां और घरेलू रसोइयों पर असर.

नई दिल्ली | 12 मार्च, 2026 ​देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से खाना पकाने वाली गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस का कोई संकट नहीं …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 12 मा, 2026
देश में एलपीजी का संकट नहीं, फिर भी उपभोक्ताओं में भारी घबराहट; रेस्तरां और घरेलू रसोइयों पर असर.

नई दिल्ली | 12 मार्च, 2026

​देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से खाना पकाने वाली गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस का कोई संकट नहीं है, लेकिन बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खामियों और आपूर्ति में देरी की अफवाहों ने आम जनता और रेस्तरां मालिकों के बीच ‘पैनिक’ की स्थिति पैदा कर दी है।

सरकार का पक्ष: उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि

​केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को सदन में देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता करोड़ों परिवारों तक निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

​तकनीकी खराबी ने बढ़ाई मुश्किलें

​भले ही स्टॉक पर्याप्त हो, लेकिन बुकिंग प्रणालियों में आई तकनीकी बाधाओं ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि कुछ तकनीकी कारणों से सिलेंडर रिफिलिंग के समय में बदलाव हुआ है।

​आईओसीएल के मार्केटिंग मैनेजर अनुराग शुक्ला ने बताया, “तकनीकी खामियों को सुधारा जा रहा है। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और हम घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।”

​जमीनी हकीकत: दिल्ली से बिहार तक लंबी कतारें

​सरकारी आश्वासनों के बावजूद, जमीन पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है:

​दिल्ली-एनसीआर: उपभोक्ता व्हाट्सएप और आईवीआरएस (IVRS) के जरिए बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। कई लोगों ने अनिश्चितता के डर से इंडक्शन स्टोव खरीदना शुरू कर दिया है।

​बिहार: पटना और दरभंगा जैसे शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पटना के गर्दनीबाग में एक एजेंसी द्वारा ‘गैस उपलब्ध नहीं’ का नोटिस लगाने पर लोगों ने भारी नाराजगी जताई।

​नोएडा: छोटे सिलेंडरों के बाजार में कालाबाजारी की खबरें आ रही हैं, जहाँ गैस 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेचे जाने के आरोप लगे हैं।

​दक्षिण भारत: चेन्नई और बेंगलुरु में उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग के लिए कॉल करने पर सिस्टम तकनीकी त्रुटि बताकर कट जाता है।

​रेस्तरां उद्योग पर तालाबंदी का खतरा

​इस स्थिति का सबसे गंभीर असर रेस्तरां और आतिथ्य (Hospitality) क्षेत्र पर पड़ा है। ‘नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (NRAI) ने चेतावनी दी है कि यदि वाणिज्यिक (Commercial) सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो देश के लाखों रेस्तरां बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे।

​बेंगलुरु में कई छोटे भोजनालयों ने गैस की कमी के कारण अपना मेन्यू सीमित कर दिया है और केवल चाय-कॉफी ही परोस रहे हैं। केवल वे ही संस्थान सुरक्षित हैं जो गेल (GAIL) की पाइपलाइन गैस का उपयोग कर रहे हैं।

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