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बच्‍चों को ये मेडिटेशन दिलाएंगे क्लास में अव्वल नंबर

बच्‍चों को ये मेडिटेशन दिलाएंगे क्लास में अव्वल नंबर : आपने ये तो सुना होगा कि ध्‍यान करना शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि, बहुत कम लोग ये जानते हैं कि बच्‍चों को भी कम उम्र से ही मेडिटेशन करना सिखाना जरूरी होता है। पेरेंट्स को …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 28 नव, 2024
बच्‍चों को ये मेडिटेशन दिलाएंगे क्लास में अव्वल नंबर

बच्‍चों को ये मेडिटेशन दिलाएंगे क्लास में अव्वल नंबर : आपने ये तो सुना होगा कि ध्‍यान करना शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि, बहुत कम लोग ये जानते हैं कि बच्‍चों को भी कम उम्र से ही मेडिटेशन करना सिखाना जरूरी होता है। पेरेंट्स को बच्‍चों को कम उम्र से ही ध्‍यान करने की सीख देनी चाहिए। आपके थोड़े मार्गदर्शन और प्रोत्‍साहन से बच्‍चे सुनना सीखते हैं और अपने मन पर भरोसा करते हैं और आत्म-जागरूक होते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से बच्‍चे आंतरिक रूप से शांति और रचनात्मकता को प्राप्‍त कर सकते हैं।

अपने विचारों को व्‍यक्‍त करना

इस स्‍टेज में बच्‍चों को अपनी भावनाओं को विचारों को ऐसी भाषा में व्यक्त करने का मौका दें, जिसके बारे में वो नहीं जानते हैं। बच्‍चे को गिब्रिश बातें करने दें। यह जीनियस का संकेत होता है। उसके मन में जो कुछ भी आता है, उसे बोलने दें। मेडिटेशन प्रशिक्षक का कहना है कि बच्‍चों को हंसना सिखाएं। अपने मूड को ठीक करने और दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए बैली लाफ्टर एक अच्‍छा तरीका है।

डांस करना है

डांस करने के साथ गाना, पेंटिंग करना आदि में पूरे सचेतन मन के साथ भाग लेने पर आप म‍ेडिटेशन की स्थिति में पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पांच मिनट के लिए शवासन में लेट जाएं। इस दौरान बच्‍चा एकदम शांत और स्थिर होना चाहिए। इस आसन से बच्‍चे को मेडिटेशन को जानने और मानसिक रूप से शांत रहने में मदद मिलेगी।

चक्‍कर लगाना

चक्कर लगाना बच्चों को बहुत पसंद आता है। उन्हें चक्कर लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और अगर आप उन्हें आंतरिक चक्कर के बारे में भी सिखाना चाहते हैं, तो आप उन्हें चक्कर लगाने के माध्यम से ध्यान सिखा सकते हैं। जब वे चक्कर लगाते हैं, तो बच्चों को पता चलता है कि उनका शरीर घूम रहा है, लेकिन वे नहीं। अंदर से वे केंद्रित महसूस करते हैं।

मुंह बनाना

बच्‍चे को पांच मिनट के लिए मुंह बनाने के लिए कहें। उससे कहें कि वो कैसा भी मुंह बना सकता है और शरीर को इधर-उधर घुमा सकता है। दूसरे 5 मिनट में, चुपचाप बैठने या लेटने के लिए कहें। बच्चों को इन तरीकों से ध्यान करना सिखाया जा सकता है और ये न केवल बच्‍चों को पढ़ाई में उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करेंगे बल्कि गहन आंतरिक ज्ञान को विकसित करने में भी सहायता करेंगे।

क्‍या होगा फायदा

वे अपनी इंद्रियों का ध्यानपूर्वक उपयोग करना सीखते हैं, जिससे दुनिया के प्रति उनका दृष्टिकोण सकारात्मक होता है। यह प्राचीन अभ्यास उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता और ब्रह्मांड के साथ संबंध को समझने में मदद करता है।

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