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उत्तराखंड में इस बार टोकन सिस्टम से कर सकेंगे दर्शन, 22 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण का आंकड़ा 10 लाख पार:

इसमें केदारनाथ के लिए 369614, बदरीनाथ के लिए 308330, गंगोत्री के लिए 178677, यमुनोत्री धाम के 169583 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। पर्यटन सचिव के सचिन कुर्वे ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारधामों में दर्शन के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इससे …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 अप्र, 2023
उत्तराखंड में इस बार टोकन सिस्टम से कर सकेंगे दर्शन, 22 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण का आंकड़ा 10 लाख पार:

इसमें केदारनाथ के लिए 369614, बदरीनाथ के लिए 308330, गंगोत्री के लिए 178677, यमुनोत्री धाम के 169583 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।

पर्यटन सचिव के सचिन कुर्वे ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारधामों में दर्शन के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया जा रहा है।

इससे श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

धाम में पहुंचने पर श्रद्धालुओं को टोकन दिया जाएगा।

इसमें दर्शन करने का समय तय होगा।

इसके अलावा प्रत्येक जिले में 30-30 पर्यटन मित्र भी रखे जाएंगे।

चारधाम यात्रा शुरू होने के लिए 16 दिन बाकी है।

लेकिन अभी तक केदारनाथ धाम में ऑनलाइन पूजा बुकिंग का कोई अता पता नहीं है।

पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि विभाग का काम सिर्फ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण करना है।

धामों में पूजा पाठ, ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था बनना धर्मस्व विभाग या बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन है।

बुधवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक में ऑनलाइन पूजा बुकिंग पोर्टल और वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क को लेकर भी बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय विभागीय अधिकारियों पर भड़क उठे।

उनका कहना था कि चारधाम यात्रा को लेकर इस बार पर्यटन विभाग की ओर से बीकेटीसी को पूछा तक नहीं।

यहां तक अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं।

बीकेटीसी की ओर से पर्यटन विभाग से यह अपेक्षा की जा रही है कि ऑनलाइन पूजा बुकिंग की सुविधा यात्री पंजीकरण के साथ की जाए।

इस पर पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि इस समय यात्रा के लिए पंजीकरण तेजी से चल रहा है।

ऐसे में वेबसाइट में अलग से ऑनलाइन पूजा बुकिंग करने संभव नहीं है।

इसमें समय लगता है।

यदि बीकेटीसी या धर्मस्व विभाग को पहले से इसकी तैयारी करनी चाहिए थी।

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