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रुड़की में तीन तलाक का मामला: 10 बच्चों के अब्बा ने दूसरी बीवी को दिया तीन तलाक, तलाक के बाद महिला ने गंगनहर में लगाई छलांग

हरिद्वार जिले के रुड़की में तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शौहर द्वारा तलाक दिए जाने के बाद महिला ने गंगनहर में छलांग लगा दी। घटना के बाद से जल पुलिस और गोताखोर लगातार महिला की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अब तक उसका कुछ …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 अप्र, 2025
रुड़की में तीन तलाक का मामला: 10 बच्चों के अब्बा ने दूसरी बीवी को दिया तीन तलाक, तलाक के बाद महिला ने गंगनहर में लगाई छलांग

हरिद्वार जिले के रुड़की में तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शौहर द्वारा तलाक दिए जाने के बाद महिला ने गंगनहर में छलांग लगा दी। घटना के बाद से जल पुलिस और गोताखोर लगातार महिला की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शौहर समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है

क्या है पूरा मामला?

रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सफरपुर गांव निवासी खुशनूद ने सहारनपुर की रहने वाली साजिया से 9 साल पहले निकाह किया था। आरोप है कि निकाह से पहले खुशनूद ने अपनी पहली शादी की साजिया से जानकारी छिपाई थी। जब यह सच सामने आया, तो साजिया ने विरोध किया

विरोध के बाद खुशनूद ने साजिया को तीन तलाक दे दिया और परिजनों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। तीन तलाक से आहत होकर साजिया डिप्रेशन में चली गई और अंततः मंगलवार शाम गंगनहर में कूद गई

गंगनहर में छलांग लगाने की सूचना मिलते ही जल पुलिस और गोताखोरों ने महिला की तलाश शुरू कीतीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन अब तक साजिया का कोई सुराग नहीं मिला

हरिद्वार के एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के अनुसार:

“साजिया के परिजनों की तहरीर पर खुशनूद और उसके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

खुशनूद के परिवार का चौंकाने वाला सच

  • खुशनूद पहले से शादीशुदा था और उसके पहली पत्नी से 7 बच्चे (6 बेटियां और 1 बेटा) हैं

  • साजिया से निकाह के बाद उसके तीन बेटे हुए

  • इस खुलासे के बाद से ही खुशनूद की हरकतों पर सवाल उठ रहे हैं

तीन तलाक और महिलाओं की सुरक्षा

इस घटना ने एक बार फिर तीन तलाक और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है

  1. तीन तलाक पर सख्त कानून के बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं

  2. महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत है

  3. घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई आवश्यक है

अब सवाल यह है कि क्या साजिया की जान बचाई जा सकेगी या यह मामला एक और दुखद त्रासदी बनकर रह जाएगा? पुलिस और प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई के लिए दबाव में है। आगे की जांच में यह साफ होगा कि खुशनूद और उसके परिवार पर कौन-कौन से कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे

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