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Haridwar: डिलीवरी के दौरान दो प्रसूताओं की मौत, अस्पताल सील

Haridwar: बहादराबाद क्षेत्र में स्थित एक बड़े अस्पताल में एक दुखद घटना घटी है जिसमें डिलीवरी के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। मीनाक्षी और खुशबू नामक दो प्रसूताओं की असामयिक मृत्यु से न केवल परिवारजन शोक में डूब गए हैं बल्कि पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 04 अग, 2025
Haridwar: डिलीवरी के दौरान दो प्रसूताओं की मौत, अस्पताल सील

Haridwar: बहादराबाद क्षेत्र में स्थित एक बड़े अस्पताल में एक दुखद घटना घटी है जिसमें डिलीवरी के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। मीनाक्षी और खुशबू नामक दो प्रसूताओं की असामयिक मृत्यु से न केवल परिवारजन शोक में डूब गए हैं बल्कि पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हालांकि दोनों महिलाओं के बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन माताओं की मृत्यु ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने दो अलग मुकदमे दर्ज किए हैं और संबंधित अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया है।

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परिजनों के अनुसार, खुशबू (पत्नी मोंटी, निवासी छोटी नारसन) को आत्मालपुर बोंगला स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि दोपहर बाद से खुशबू को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस स्थिति की गंभीरता को नहीं समझा। जब उसकी हालत और बिगड़ी तो उसे एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, मीनाक्षी (पत्नी टीनू, निवासी ननौता, सहारनपुर, हाल में डेंसी चौक निवासी) ने ऑपरेशन के जरिए एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने खून की कमी बताई और मरीज को O+ ब्लड बैंक से लाकर दिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर खून नहीं चढ़ाया जिससे इलाज में देरी और लापरवाही के चते मीनाक्षी की भी जान चली गई।

पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल में उस समय कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्टाफ भी अनुभवहीन था। परिवारजनों का दावा है कि अगर समय पर योग्य डॉक्टर और समुचित इलाज मिलता तो दोनों महिलाओं की जान बचाई जा सकती थी। घटना की खबर फैलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। लोगों ने अस्पताल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा किया और आवश्यक सेवाओं के अभाव की कड़ी आलोचना की। तत्काल सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंचकर बिगड़ती स्थिति को शांत किया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल की गलती के बाद पुलिस भी उनके साथ अभद्रता कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगामी कार्रवाई की जा रही है।

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