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फिर से पुराने अंदाज में दिखी UKD, 4 को किया छह साल के लिए निष्कासित:

उत्तराखंड क्रांति दल से श्री जयप्रकाश उपाध्याय एवं श्रीमती प्रमिला रावत का छ: वर्षों के लिए निष्कासित: श्री जयप्रकाश उपाध्याय पर एक वरिष्ठ सदस्य को थप्पड़ मारने, केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी की नेमप्लेट तोड़ने, लात मारकर दरवाजा तोड़ने, कार्यालय के बाहर लगे बैनर पोस्टर फाड़ने, विधानसभा चुनाव के उपरांत अनधिकृत रुप …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 13 जन, 2023
फिर से पुराने अंदाज में दिखी UKD, 4 को किया छह साल के लिए निष्कासित:

उत्तराखंड क्रांति दल से श्री जयप्रकाश उपाध्याय एवं श्रीमती प्रमिला रावत का छ: वर्षों के लिए निष्कासित:

श्री जयप्रकाश उपाध्याय पर एक वरिष्ठ सदस्य को थप्पड़ मारने, केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी की नेमप्लेट तोड़ने, लात मारकर दरवाजा तोड़ने, कार्यालय के बाहर लगे बैनर पोस्टर फाड़ने, विधानसभा चुनाव के उपरांत अनधिकृत रुप से पत्रकार वार्ता कर शीर्ष नेतृत्व पर अनर्गल आरोप लगाने, बैठकों में अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति अभद्र व असंसदीय भाषा का प्रयोग करने के बहुत गम्भीर आरोप थे।

उक्त आरोपों पर दो बार मौका दिए जाने के बावजूद स्पष्टीकरण न देने पर उनके विरुद्ध निष्कासन की कार्यवाही की गई।

श्रीमती प्रमिला रावत पर केन्द्रीय अध्यक्ष के आदेश की अवमानना करने, वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगाकर पत्र लिखने, सोशल मीडिया में खुद को पद से हटाने का भ्रामक प्रचार करने, अन्य सम्मानित महिला पदाधिकारियों के प्रति अपशब्द व असंसदीय भाषा का प्रयोग करने , कार्यालय के गेट पर तालाबंदी कर कार्यालय में होने वाले सम्मान समारोह को बाधित करने एवं एक दल का उत्तराखंड क्रांति दल में विलय पर उनके मुखिया व केन्द्रीय अध्यक्ष पर अपमानजनक टिप्पणी करने जैसे गम्भीर आरोप थे।

उक्त आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगे जाने पर संतोष जनक उत्तर न देने, पुनः स्पष्टीकरण देने का अवसर देने पर भी उत्तर न देने के कारण केन्द्रीय अध्यक्ष जी के अनुमोदन पर पदमुक्त कर व प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उनका भी अनुशासन समिति द्वारा छः वर्षों के लिए निष्कासन कर दिया गया है।

साथ ही दोनों निष्कासित लोगों के पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एक अन्य पदाधिकारी जिला चमोली के महामंत्री श्री यशपाल सिंह नेगी को पार्टी की ही महिला पदाधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार व उत्पीड़न के चलते उनको पदमुक्त कर व प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए छः वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है।

इन सभी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते इनके उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यालय में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

हालांकि इस निर्णय के विषय में उनको 15 दिन के भीतर केंद्रीय अध्यक्ष को पुनर्विचार याचिका करने की छूट दे दी गई है।

केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा अनुशासन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट डीडी जोशी ने अपने पत्र में लिखा है कि इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के दौरान कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे।

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तथा रिमाइंडर भी भेजे गए थे लेकिन इन्होंने ना तो किसी भी नोटिस का संतोष जनक जवाब दिया और ना ही शिकायती पत्रों का कोई  संतोषजनक जवाब दिया।

यशपाल सिंह नेगी के खिलाफ चमोली के जिला अध्यक्ष द्वारा पार्टी की महिला अध्यक्ष के साथ अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने के चलते केंद्रीय अध्यक्ष से शिकायत की गई थी।

जबकि बिपिन रावत के खिलाफ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने के चलते कार्यवाही की गई है।

जबकि जय प्रकाश उपाध्याय को दो बार कारण बताओ नोटिस और रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

इनके केंद्रीय कार्यालय में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

 

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