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धामी सरकार की सख्त निगरानी में सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की मजबूत व्यवस्था

देहरादून | 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के स्पष्ट दिशा-निर्देशों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखंड ने वर्ष 2025 में जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 26 दिस्, 2025
धामी सरकार की सख्त निगरानी में सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की मजबूत व्यवस्था

देहरादून | 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के स्पष्ट दिशा-निर्देशों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखंड ने वर्ष 2025 में जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में विभाग ने सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण औषधियों की निगरानी, नशा एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए हैं।

वर्ष 2025 विभाग के लिए केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि जनविश्वास, पारदर्शिता और सख्त प्रवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है।

उपभोक्ता संरक्षण की मजबूत कड़ी

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वर्ष 2025 में राज्यभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए। इन अभियानों के अंतर्गत बाजारों, होटल-ढाबों, रेस्टोरेंट्स, मिठाई दुकानों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान 10,789 उपभोक्ताओं और खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसी अवधि में 3,825 खाद्य नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा का वैज्ञानिक मूल्यांकन सुनिश्चित हुआ।
इसके अतिरिक्त 109 खाद्य कारोबारकर्ताओं और प्रतिष्ठानों को विशेष प्रशिक्षण देकर खाद्य सुरक्षा नियमों के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।

कुपोषण से लड़ाई में फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों पर जोर

राज्य में कुपोषण, एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विभाग ने फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया। वर्ष 2025 में 11 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को फोर्टीफाइड आटा, तेल, दूध और नमक के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।

इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह संदेश दिया गया कि संतुलित और पोषक आहार ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।

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