Menu
#ऋषिकेश

विरासत महोत्सव में बच्चों की कला का अनोखा प्रदर्शन

विरासत महोत्सव में बच्चों की कला का अनोखा प्रदर्शन : विरासत महोत्सव में दून इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने कला के नायाब नमूने पेश किए। बच्चों ने धागे से सुंदर और आकर्षक हैंड ब्रेसलेट बनाना शमीम अहमद से सीखा। इसके साथ ही, बच्चों ने मिट्टी के बर्तन और वेस्टेज वस्तुओं …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 अक्ट, 2024
विरासत महोत्सव में बच्चों की कला का अनोखा प्रदर्शन

विरासत महोत्सव में बच्चों की कला का अनोखा प्रदर्शन : विरासत महोत्सव में दून इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने कला के नायाब नमूने पेश किए। बच्चों ने धागे से सुंदर और आकर्षक हैंड ब्रेसलेट बनाना शमीम अहमद से सीखा। इसके साथ ही, बच्चों ने मिट्टी के बर्तन और वेस्टेज वस्तुओं से विभिन्न कलाकृतियां बनाकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। 5 वर्षीय कुमारी अनायशा ने अपनी कला से सबको प्रभावित किया, जबकि देवांशु जायसवाल, प्रेरणा सोनेशा और अन्य बच्चों ने भी अपनी कलात्मक क्षमताओं से सबको चकित कर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां

विरासत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में गोवा से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बहुभाषी गायक एल्विस गोज़ और उनके दल ने गोवा के पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उनकी फ्यूजन प्रस्तुति ने दर्शकों को गोवा की संस्कृति की जीवंत झलक दी। इसके साथ ही, श्री गुरु कला मंडल और केपेमचिम किरनम ने गोवा के लोक नृत्य और संगीत के साथ एक यादगार शाम बनाई।

सितार वादन में अवनीन्द्र शियोलीकर की मधुर प्रस्तुति

सांस्कृतिक कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में अवनीन्द्र शियोलीकर ने सितार वादन किया। उन्होंने राग यमन की मधुर धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। तबले पर शुभ महाराज की संगत ने उनकी प्रस्तुति को और भी प्रभावी बना दिया। अवनीन्द्र शियोलीकर ने अपने गायकी शैली पर आधारित रागों की सूक्ष्म व्याख्या कर सांस्कृतिक संध्या में संगीत का जादू बिखेरा।

मालिनी अवस्थी ने ठुमरी और कजरी से सांस्कृतिक संध्या को जगाया

प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी ठुमरी, कजरी और चैती की प्रस्तुतियों से विरासत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में चार चांद लगाए। उनकी आवाज ने श्रोताओं को भारतीय लोक संगीत की गहराई में डुबो दिया। उनके साथ तबले पर शुभ महाराज, हारमोनियम पर धर्मनाथ मिश्रा और सारंगी पर विनायक सहाय ने संगत दी। मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या को एक नया आयाम दिया।

अफसाना की शाही शॉप: 4 हजार रुपए किलो वाली अंजीर से 25 लाख रुपए किलो वाली शिलाजीत तक

विरासत महोत्सव में अफगानी ड्राई फूड की शाही शॉप ने भी लोगों का ध्यान खींचा। अफसाना की इस शॉप पर 4 हजार रुपए प्रति किलो की अफगानी अंजीर से लेकर 25 लाख रुपए प्रति किलो की शिलाजीत जैसी अनमोल वस्तुएं मिल रही हैं। यहां की सभी वस्तुएं न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी हैं। अफसाना ने बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी लोगों की प्रतिक्रिया जबरदस्त रही है, और शॉप पर ड्राई फूड की बिक्री खूब हो रही है।

Share This Article