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हरिद्वार में बेमौसम की बरसात ने खोली नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल:

बेमौसम की रूक – रूककर हो रही थोड़ी-थोड़ी बारिश से धर्मनगरी के रानीपुर व कठेरा बाजार की सड़कों पर भयानक जलभराव हो रहा है। अगर ये बारिश लगातार पड़ती रहे तब बाजारों की अर्थव्यवस्था बिगड़ सकती है। हर वर्ष नालों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 मई, 2023
हरिद्वार में बेमौसम की बरसात ने खोली नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल:

बेमौसम की रूक – रूककर हो रही थोड़ी-थोड़ी बारिश से धर्मनगरी के रानीपुर व कठेरा बाजार की सड़कों पर भयानक जलभराव हो रहा है।

अगर ये बारिश लगातार पड़ती रहे तब बाजारों की अर्थव्यवस्था बिगड़ सकती है।

हर वर्ष नालों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं।

मानसून आने पर सड़कों पर बने नाले नगर निगम के दावों की पोल खोल देते हैें।

सीवर सफाई पर भी लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं।

बेमौसम बारिश से सीवर भी सड़कों पर बहने लगा है।

जल निकासी की व्यवस्था न होने से चैराहे पर लंबा जाम लग रहता है।

जिससे यातायात व्यवस्था में घंटो का ट्रैफिक लगता है।

ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट जाते हैं।

पब्लिक के वाहनों में पानी भर जाने से वाहन बंद हो जाते हैं।

आधुनिक युग में इलैक्ट्रिक वाहनों का प्रचलन अधिक बढ़ रहा है।

यदि नगर निगम के दावों के यही हाल रहे तब इलैक्ट्रोनिक वाहनों को सड़कों पर उतरने में सफलता मिल पायेगी।

जब फ्यूल युक्त वाहन पानी भरन से बंद हो जाते हैं, तब उन्हें धक्का लगाकर बाहर निकाला।

इलैक्ट्रिक वाहनों को सड़कों पर उतारना मुश्किल है।

हरिद्वार नगर निगम को नालों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किये जाते है।

फिर भी व्यवस्था में सुधार नहीं किये जाते हैं।

नालों की सफाई के लिये अधिकारियों को बार-बार कहा जाता है।

लेकिन उनके कान में जूँ तक नहीं रेंगती है।

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