Menu
#Mumbai

उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र – भराड़ीसैंण में राजनीतिक गर्माहट

भराड़ीसैंण : आज से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के चमोली जिले में स्थित विधानसभा भवन में आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है। यह सत्र 21 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा । कांग्रेस पार्टी ने इस सत्र के दौरान सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। 20 …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 19 अग, 2025
उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र – भराड़ीसैंण में राजनीतिक गर्माहट

भराड़ीसैंण : आज से  ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के चमोली जिले में स्थित विधानसभा भवन में आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है। यह सत्र 21 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा ।

कांग्रेस पार्टी ने इस सत्र के दौरान सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। 20 अगस्त को कांग्रेस की ओर से विधानसभा घेराव की योजना बनाई गई है, जिसका नेतृत्व नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी करेंगे। इसके साथ ही रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन भी किया जाएगा। कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष दान सिंह नेगी का कहना है कि गैरसैंण क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों की खराब स्थिति के साथ-साथ स्थायी राजधानी की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

इधर पूर्व अनशनकारी भुवन कठायत ने भी गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की मांग को लेकर सत्र के तीनों दिन रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह मुद्दा उत्तराखंड में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और स्थानीय लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

विपक्षी कांग्रेस हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बना रही है। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन के मुद्दों पर भी सरकार से सवाल पूछे जाने की संभावना है। इन सभी मुद्दों को लेकर सदन में तूफानी माहौल बनने के आसार हैं।

सरकारी तैयारियों की बात करें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हेलिकॉप्टर से गैरसैंण पहुंच गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने सत्र से दो दिन पहले भराड़ीसैंण पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी भराड़ीसैंण पहुंचने लगे हैं। बड़ी संख्या में सरकारी वाहनों और कर्मचारियों के पहुंचने से पहाड़ों के इस शांत इलाके में अचानक से चहल-पहल बढ़ गई है। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया पहाड़ के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचती है।

विधानसभा अध्यक्ष का मानना है कि भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन जनभावनाओं का प्रतीक है और यहां आयोजित हर सत्र उत्तराखंड की विधायी प्रक्रिया में नई ऊर्जा का संचार करता है। इस सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी और उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन समेत नौ विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी।

 

Tagged:
Share This Article