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Uttarakhand: आपदा प्रबंधन की बड़ी बैठक, सभी जिलों के DM को दिए ये निर्देश..

आपदा सचिव ने की मानसून से पूर्व की तैयारियों को लेकर राज्य के जिलाधिकारियों के साथ बैठक, दिए निर्देश देहरादून : सचिव उत्तराखण्ड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रंजीत सिन्हा की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित डी.एम.एम.सी. सभागार में मानसून से पूर्व की तैयारियों को लेकर राज्य के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वीडियो …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 मई, 2023

आपदा सचिव ने की मानसून से पूर्व की तैयारियों को लेकर राज्य के जिलाधिकारियों के साथ बैठक, दिए निर्देश

देहरादून : सचिव उत्तराखण्ड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रंजीत सिन्हा की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित डी.एम.एम.सी. सभागार में मानसून से पूर्व की तैयारियों को लेकर राज्य के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई।

बैठक में आईजी एस.डी.आर.एफ. रिद्धिम अग्रवाल तथा अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल उपस्थित रहे। बैठक में राज्य स्तर के समस्त लाईन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया।

सचिव रंजीत सिन्हा ने राज्य के संवेदनशील जनपदों सहित समस्त जिलों को मानसून आने से पहले की तैयारियों को लेकर सभी जिलाधिकारियों के साथ एक बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारियों को जिलों में मॉक ड्रिल अनिवार्य रूप से संपन्न कर लिये जाने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि संबंधित डिपार्टमेंट आपदा की स्थिति में जिलों से सम्पर्क बनाये रखने हेतु अपने एक सीनियर ऑफिसर को नोडल अधिकारी नामित कर लें, जो समय से जिलों की समस्याओं को उचित स्तर पर पहुंचाने का कार्य करे।

सचिव रंजीत सिन्हा नें कहा कि सभी जिले अपने संसाधनों जिसमें भोजन, पानी, मेडिसन आदि के भंडारण तथा अति संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लें। मार्गों पर आपदा से संबंधित अधिकारियों के सम्पर्क सूत्र एवं डिटेल वाले होर्डिंग स्थापित करने से आपदा की स्थिति में आमजन को काफी सुविधा होगी।

उपलब्ध सैटैलाईट फोन, वायरलैस सैट आदि को चैक कर लें एवं सभी को चालू अवस्था में रखा जाए। आपदा की स्थिति में बनाये जाने वाले स्टेजिंग एरिया, जॉइंट कंट्रोल रूम, शेल्टर, दूर संचार, मीडिया मैनेजमेंट, क्रॉउड मैनेजमेंट आदि बिन्दुओं पर प्रजंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई।

जिलाधिकारियों व राज्य स्तर पर उपस्थित अधिकारियों को तत्परता एवं योजनाबद्ध तरीके से आपदा की स्थिति से निपटने के लिये निर्देशित किया गया। उन्होंने जिलों और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मध्य संचार और समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया।

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