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उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, साक्षरता दर 98.7 प्रतिशत पहुंची

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त कर लिया है। राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और केंद्र सरकार के उल्लास (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानकों के आधार पर उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 जुल, 2026
उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, साक्षरता दर 98.7 प्रतिशत पहुंची

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त कर लिया है। राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और केंद्र सरकार के उल्लास (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानकों के आधार पर उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिस राज्य की साक्षरता दर 95 प्रतिशत या उससे अधिक होती है, उसे पूर्ण साक्षर राज्य माना जाता है। उत्तराखंड ने यह लक्ष्य पार करते हुए 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है, जिसके बाद उसे आधिकारिक रूप से पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिला है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने 25 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संशोधित मानकों के अनुरूप राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी राज्य या देश में 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं माना जाता। वृद्धावस्था, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तथा मानसिक एवं बौद्धिक अक्षमताओं जैसे कारणों से कुछ लोग साक्षरता अभियानों में शामिल नहीं हो पाते। इसी वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 95 प्रतिशत साक्षरता को पूर्ण साक्षरता का मानक तय किया है।

उल्लास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 के आकलन के अनुसार, सात वर्ष से कम आयु के बच्चों को छोड़कर उत्तराखंड की पात्र आबादी 1 करोड़ 23 लाख 4 हजार 601 आंकी गई है। इनमें केवल 1 लाख 31 हजार 986 लोग ही अभी भी निरक्षर श्रेणी में हैं, जो कुल पात्र आबादी का मात्र 1.3 प्रतिशत है। यानी राज्य के 98 प्रतिशत से अधिक लोग पढ़ने-लिखने में सक्षम हैं और यही उपलब्धि उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किए जाने का आधार बनी।

गौरतलब है कि वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड की साक्षरता दर 83.8 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर 98.7 प्रतिशत तक पहुंच गई। कम समय में हुई इस उल्लेखनीय प्रगति के साथ उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है।

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