Menu
#Mumbai

Uttarakhand: आपदा से साहस तक—धराली की मानसी पंवार बनीं जनपद की पहली महिला रीवर राफ्टिंग प्रशिक्षक

उत्तरकाशी: आपदा से जूझते धराली गांव की बेटी मानसी पंवार आज साहस, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। धराली आपदा के भयावह मंजर को अपनी आंखों से देखने के बावजूद मानसी ने हिम्मत नहीं हारी और रीवर राफ्टिंग जैसे चुनौतीपूर्ण साहसिक खेल में पहचान बनाते हुए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 दिस्, 2025
Uttarakhand: आपदा से साहस तक—धराली की मानसी पंवार बनीं जनपद की पहली महिला रीवर राफ्टिंग प्रशिक्षक

उत्तरकाशी: आपदा से जूझते धराली गांव की बेटी मानसी पंवार आज साहस, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। धराली आपदा के भयावह मंजर को अपनी आंखों से देखने के बावजूद मानसी ने हिम्मत नहीं हारी और रीवर राफ्टिंग जैसे चुनौतीपूर्ण साहसिक खेल में पहचान बनाते हुए जनपद की पहली महिला रीवर राफ्टिंग प्रशिक्षक बन गईं।

मानसी पंवार वर्तमान में पर्यटन विभाग और विभिन्न संस्थाओं की ओर से आयोजित रीवर राफ्टिंग, नौकायन और अन्य साहसिक खेलों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बतौर प्रशिक्षक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वह महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए इस क्षेत्र में नई राह खोल रही हैं।

पर्वतारोहण से साहसिक खेलों तक का सफर

मानसी ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) से पर्वतारोहण का बेसिक और एडवांस कोर्स किया है। इसके बाद उन्होंने पर्यटन विभाग के माध्यम से जनपद और ऋषिकेश में रीवर राफ्टिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्होंने टिहरी झील में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण भी लिया।

अपने करियर की शुरुआत में मानसी स्थानीय स्तर पर ट्रैकिंग कराती थीं और गाइड के रूप में कार्य करती थीं। इस दौरान उन्होंने टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ भी ट्रैकिंग गतिविधियों में योगदान दिया।

आपदा के बाद लिया जीवन बदलने वाला फैसला

पांच अगस्त को धराली गांव में आई भीषण आपदा के दौरान मानसी ने अपने ही गांव के लोगों को मलबे में दबते हुए देखा। इस आपदा ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित किया, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद मानसी ने हार नहीं मानी। उन्होंने रीवर राफ्टिंग को अपना करियर बनाने का संकल्प लिया और इसे रोजगार का माध्यम बनाया।

अकेली महिला प्रशिक्षक के रूप में निभा रहीं जिम्मेदारी

अब तक मानसी पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित दो रीवर राफ्टिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वर्तमान में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में वह अकेली महिला प्रशिक्षक हैं। मानसी जनपद की पहली और एकमात्र महिला रीवर राफ्टिंग प्रशिक्षक हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्य

मानसी पंवार का कहना है कि पुरुषों के बीच काम करने में उन्हें किसी प्रकार का संकोच या असहजता महसूस नहीं होती। उनका मानना है कि जनपद की कई महिलाओं ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब वह भी रीवर राफ्टिंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपने जनपद और राज्य का नाम रोशन करना चाहती हैं।

मानसी की यह सफलता आपदा प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि साहस, मेहनत और आत्मविश्वास से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

Tagged:
Share This Article