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उत्तराखंड आम बजट : स्टार्टअप्स और छोटे उद्यमियों को विकास की नई उम्मीदें

उत्तराखंड आम बजट : उत्तराखंड में छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स ने आगामी आम बजट से औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं। औद्योगिक संगठनों का मानना है कि सरकार को गैर-योजनागत खर्चों को कम कर योजनाओं के लिए अधिक बजट का प्रावधान करना चाहिए, जिससे उद्यमिता …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 फ़र, 2025
उत्तराखंड आम बजट : स्टार्टअप्स और छोटे उद्यमियों को विकास की नई उम्मीदें

उत्तराखंड आम बजट :  उत्तराखंड में छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स ने आगामी आम बजट से औद्योगिक विकास और प्रोत्साहन को लेकर बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं। औद्योगिक संगठनों का मानना है कि सरकार को गैर-योजनागत खर्चों को कम कर योजनाओं के लिए अधिक बजट का प्रावधान करना चाहिए, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिले और स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिल सके।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश के स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की जरूरत है, जिससे उन्हें नया बाजार मिल सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों। मेक इन इंडिया और विनिर्माण क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का निर्णय लिया है। इससे अगले पांच वर्षों में MSME को 1.5 लाख करोड़ का अतिरिक्त क्रेडिट उपलब्ध होगा, जिससे छोटे उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी।

स्टार्टअप्स (Startups) के लिए बजट में राहत

सरकार स्टार्टअप्स को आर्थिक मजबूती देने के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 20 करोड़ तक बढ़ाने का प्रावधान कर चुकी है। इससे नए और उभरते स्टार्टअप्स को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे बड़े स्तर पर कार्य कर सकेंगे।

महिला उद्यमियों और वंचित वर्ग के लिए विशेष योजना

सरकार ने पहली बार काम करने वाली 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को “स्टैंड-अप इंडिया” योजना के तहत शामिल किया है। इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों में दो करोड़ तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा, जिससे नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में आसानी होगी।

प्रदेश सरकार से भी उम्मीदें

प्रदेश सरकार भी आगामी बजट में MSME और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा कर सकती है। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि यदि सरकार स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन दे, तो इससे राज्य का औद्योगिक विकास तेज होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उत्तराखंड के छोटे उद्यमी और स्टार्टअप्स इस बजट से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। यदि सरकार नीतिगत फैसलों में लचीलापन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, तो प्रदेश में औद्योगिक क्रांति संभव है। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

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