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देहरादून: आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण पर तत्काल रोक, नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

देहरादून:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में सीएम आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। धराली आपदा जैसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 11 अग, 2025
देहरादून: आपदा संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण पर तत्काल रोक, नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

देहरादून:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में सीएम आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। धराली आपदा जैसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील स्थानों की तत्काल पहचान करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट घोषणा करते हुए कहा है कि चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर किसी भी प्रकार की नई बस्ती या नए निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं नदी-नालों के तटों पर किसी भी प्रकार के सरकारी या निजी निर्माण कार्य पर पूर्ण रोक लगाई जाएगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने और उनके कार्यान्वयन की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय उत्तरकाशी जिले के धराली बाजार में 5 अगस्त को आई विनाशकारी आपदा के बाद लिया गया है, जब खीरगंगा से आए पानी के सैलाब ने पूरे धराली बाजार को मलबे के ढेर के नीचे दफना दिया था।

वर्तमान में धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन सातवें दिन जारी है। राज्य सरकार के अनुसार इस आपदा में 66 लोग लापता हैं और 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय के अनुसार आपदाग्रस्त क्षेत्रों से लगभग 1200 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री धामी व्यक्तिगत रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं और कई दिनों तक आपदाग्रस्त क्षेत्रों में शिविर भी लगाया था।

राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। वर्तमान में प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की तलाश करना है, जबकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए निर्माण संबंधी सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

 

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