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उत्तराखंड: कुमाऊं में सबसे महंगी बनी नैनीताल की मॉल रोड, सर्किल रेट में 50% तक बढ़ोतरी

नैनीताल: उत्तराखंड में संपत्ति खरीदना अब पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा नए सर्किल रेट लागू किए जाने के बाद कई इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुमाऊं मंडल में नैनीताल की मॉल रोड सबसे महंगी जगह बनकर उभरी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 अक्ट, 2025
उत्तराखंड: कुमाऊं में सबसे महंगी बनी नैनीताल की मॉल रोड, सर्किल रेट में 50% तक बढ़ोतरी

नैनीताल: उत्तराखंड में संपत्ति खरीदना अब पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा नए सर्किल रेट लागू किए जाने के बाद कई इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कुमाऊं मंडल में नैनीताल की मॉल रोड सबसे महंगी जगह बनकर उभरी है, जहां सर्किल रेट में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

नैनीताल की मॉल रोड बनी सबसे महंगी

नैनीताल की प्रसिद्ध मॉल रोड, जो पर्यटकों का मुख्य आकर्षण केंद्र है, अब कुमाऊं की सबसे महंगी संपत्ति क्षेत्र बन चुकी है।
यहां बोट स्टैंड से लेकर एसबीआई शाखा तक के भूखंडों की कीमतें एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई हैं।
इसके साथ ही झील और हिमालयन वैली के आसपास के क्षेत्रों में भी 40 फीसदी तक की दर वृद्धि की गई है।

हल्द्वानी में भी बढ़े सर्किल रेट

हल्द्वानी में नैनीताल रोड के दाम पहले से ही ऊंचे थे, अब उनमें भी इजाफा किया गया है।

मंगल पड़ाव क्षेत्र (शून्य से 50 मीटर दूरी तक): ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 प्रति वर्ग मीटर।

50 मीटर से 200 मीटर दूरी तक: ₹36,000 से बढ़ाकर ₹40,000 प्रति वर्ग मीटर।

तहसील से ऊपर की ओर: ₹29,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 तथा ₹20,000 से बढ़ाकर ₹26,000 प्रति वर्ग मीटर कर दिए गए हैं।

ऊधमसिंह नगर में भी हुई 25% तक बढ़ोतरी

राज्य के औद्योगिक जिले ऊधमसिंह नगर में भी भूमि दरों में 22 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे अब पूरे कुमाऊं क्षेत्र में संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

नैनीताल में झील और हिमालय व्यू वाली संपत्तियों के रेट में उछाल

नैनीताल में झील किनारे या हिमालयन व्यू वाली संपत्तियों के सर्किल रेट में औसतन 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 200 मीटर से अधिक दूरी वाले इलाकों में करीब 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।

प्रभारी उप निबंधक भीम सिंह बिष्ट के अनुसार, “नए सर्किल रेट भूखंडों और भवनों के स्थान, बाजार मूल्य और पर्यटन महत्व को ध्यान में रखकर निर्धारित किए गए हैं।”

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