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उत्तराखंड: सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का होगा ट्रीटमेंट, टीएचडीसी ने शुरू किया विस्तृत अध्ययन

  तीन दशक पुरानी समस्या का मिलेगा समाधान, चारधाम यात्रा मार्ग होगा सुरक्षित रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) पर स्थित सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का अब स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा। तीन दशकों से बनी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 अप्र, 2025
उत्तराखंड: सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का होगा ट्रीटमेंट, टीएचडीसी ने शुरू किया विस्तृत अध्ययन

 

तीन दशक पुरानी समस्या का मिलेगा समाधान, चारधाम यात्रा मार्ग होगा सुरक्षित

रुद्रप्रयाग :  उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) पर स्थित सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का अब स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा। तीन दशकों से बनी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) ने इलाके का भूगर्भीय अध्ययन शुरू कर दिया है और आगामी दो महीनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है।

यह इलाका बदरीनाथ और केदारनाथ धाम यात्रा के प्रमुख मार्ग पर स्थित है, जिससे हर साल लाखों श्रद्धालु गुजरते हैं। यात्रा सीजन में भूस्खलन के कारण इस क्षेत्र में बार-बार यातायात बाधित होता है, जिससे न सिर्फ तीर्थयात्रियों को कठिनाई होती है, बल्कि प्रशासन को हर समय जेसीबी और राहत दल तैनात रखने पड़ते हैं।

भूस्खलन क्षेत्र की लंबाई करीब 70 मीटर

सिरोहबगड़ में वर्तमान में भूस्खलन की सक्रियता लगभग 70 मीटर लंबाई तक फैली हुई है। लगातार बारिश और भूसंरचना की कमजोरी के चलते यह क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। टीएचडीसी के भूगर्भीय विशेषज्ञों ने प्रारंभिक सर्वेक्षण कर लिया है और अब विस्तृत भू-तकनीकी व पर्यावरणीय अध्ययन किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा कार्यान्वयन

रिपोर्ट मिलने के बाद टीएचडीसी द्वारा सुझाए गए सुरक्षात्मक उपायों के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आवश्यक मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य करेगा। संभावित उपायों में रिटेनिंग वॉल निर्माण, रॉक बोल्टिंग, ड्रेनेज सिस्टम सुधार और स्लोप स्टैबिलाइजेशन जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को मिलेगा राहत

स्थानीय ग्रामीणों और यात्रा मार्ग पर निर्भर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग की थी। अब तीन दशक बाद इस दिशा में ठोस कार्यवाही शुरू होने से क्षेत्रवासियों में राहत और उम्मीद का माहौल है।

विशेष जानकारी:

  • सिरोहबगड़ रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच NH-07 पर स्थित है।
  • यह क्षेत्र बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा के लिए मुख्य मार्ग पर आता है।
  • टीएचडीसी उत्तराखंड सरकार के अंतर्गत काम करने वाला सार्वजनिक उपक्रम है, जो हाइड्रो पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य तकनीकी परियोजनाओं में विशेषज्ञता रखता है।

 

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