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उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 : रजतोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा

देहरादून, 15 अक्टूबर: उत्तराखंड प्रदेश स्थापना दिवस 9 नवंबर के अवसर पर रजत जयंती धूमधाम से मनाने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा का प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय प्रदेश का सतत और सर्वांगीण विकास हुआ …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 15 अक्ट, 2025
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 : रजतोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा

देहरादून, 15 अक्टूबर: उत्तराखंड प्रदेश स्थापना दिवस 9 नवंबर के अवसर पर रजत जयंती धूमधाम से मनाने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा का प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय प्रदेश का सतत और सर्वांगीण विकास हुआ है।

हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 6 से 12 नवंबर तक रजतोत्सव मनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य की साझेदारी से आपदा पैकेज, लंबित परियोजनाओं को मंजूरी, बजट सहायता में वृद्धि, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। हरिद्वार और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने का कार्य किया गया है।

इसके अलावा, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, राजाजी राष्ट्रीय पार्क में एलिवेटेड रोड निर्माण, ग्रामीण सड़कों के विकास, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1,481 किमी सड़कों का निर्माण और 519 सड़कें जोड़ने का कार्य हुआ। रेल नेटवर्क और रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन का तेजी से विकास और 11 रेलवे स्टेशनों को “अमृत स्टेशन” बनाने की पहल भी की गई, जिसमें ₹5,131 करोड़ का बजट आवंटित हुआ।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा में 46 लाख श्रद्धालु पहुँच चुके हैं। प्रदेश सरकार एवं बीकेटीसी ने तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएँ और दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराई हैं।

उनके अनुसार, जैविक खेती, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन योजना, स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक सेवाओं का विकास, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा, स्नातक स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की सीबीआई जांच, कठोर नकल विरोधी कानून, नया भूस्वामित्व कानून, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, व्यास घाट से कोडियाला तक सिंगटाली पुल और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएँ ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल हैं।

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