देहरादून: उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार सी-प्लेन सेवाओं के विस्तार की योजना पर तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में जल पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष सी-प्लेन सर्किट विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे पर्यटक अब पहाड़ों की खूबसूरती को पानी के रास्ते हवाई सफर के रोमांच के साथ अनुभव कर सकेंगे।
ऋषिकेश और टिहरी झील में सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग के बाद सरकार ने प्रदेश के अन्य जलाशयों को भी इस सेवा से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इससे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने ऊधम सिंह नगर की नानकसागर झील, हरिपुर जलाशय और पौड़ी जिले की कालागढ़ झील को सी-प्लेन संचालन के लिए संभावित स्थलों के रूप में चिन्हित किया है। इन जलाशयों में जल्द ही सी-प्लेन की ट्रायल लैंडिंग और तकनीकी जांच की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों को सी-प्लेन नेटवर्क से जोड़कर एक नया पर्यटन मॉडल विकसित करना है। इस योजना के तहत पर्यटकों को कम समय में प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा और राज्य में एडवेंचर व वाटर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
सी-प्लेन सेवा शुरू होने से टिहरी झील, ऋषिकेश सहित अन्य जलाशय देश के चुनिंदा पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल हो सकते हैं। सरकार इसे प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है।