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उत्तराखंड वेदर अपडेट: मानसून विदा होने के बाद भी आफत बरकरार, अक्टूबर के पहले हफ्ते में हुई सामान्य से दोगुनी बारिश

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में औसत …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 अक्ट, 2025
उत्तराखंड वेदर अपडेट: मानसून विदा होने के बाद भी आफत बरकरार, अक्टूबर के पहले हफ्ते में हुई सामान्य से दोगुनी बारिश

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में औसत से दोगुनी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य मौसम चक्र से अलग मानी जा रही है।

बागेश्वर और चमोली में सबसे अधिक बारिश

राज्य के पर्वतीय जिलों में सबसे ज्यादा प्रभाव बागेश्वर और चमोली में देखने को मिला है। यहां लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई ग्रामीण सड़कों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। कुछ मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

देहरादून और रुद्रप्रयाग में भी झमाझम

मैदानी इलाकों में भी बारिश का असर कम नहीं है। देहरादून, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में मंगलवार रात से लगातार बारिश हो रही है। देहरादून शहर में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने बताया कि यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रही है, जिसके चलते अगले 24 से 48 घंटे तक मौसम में सुधार की संभावना नहीं है।

भूस्खलन और नदी-नालों में उफान की चेतावनी

भारी वर्षा के चलते राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ इलाकों में मलबा गिरने से सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, जल संस्थान और आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग की एडवाइजरी

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बारिश का दौर 10 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने यात्रियों और तीर्थयात्रियों को पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

 

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