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उत्तरकाशी भूस्खलन त्रासदी: 2 की मौत, 7 अभी भी लापता, बचाव कार्य जारी

उत्तरकाशी: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से लगभग 4 किलोमीटर आगे सिलाई बैंड के पास रात्रि में हुए भीषण भूस्खलन में दो श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं। घटनास्थल पर पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग बडकोट और स्वास्थ्य विभाग …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 जून, 2025
उत्तरकाशी भूस्खलन त्रासदी: 2 की मौत, 7 अभी भी लापता, बचाव कार्य जारी

उत्तरकाशी: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से लगभग 4 किलोमीटर आगे सिलाई बैंड के पास रात्रि में हुए भीषण भूस्खलन में दो श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं। घटनास्थल पर पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग बडकोट और स्वास्थ्य विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

भूस्खलन के समय कैंप में कुल 29 श्रमिक मौजूद थे। इनमें से 20 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें आज प्रातःकाल पालीगाड़ के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। दो मृत श्रमिकों के शव बडकोट तिलाडी और छटांगा के बीच यमुना नदी से बरामद किए गए हैं।

मृतकों की पहचान:

  • केवल विष्ट पुत्र बम बहादुर, निवासी कर्ममोहनी, थाना राजापुर जिला नेपाल (43 वर्ष)
  • दूजेलाल, निवासी पीलीभीत (55 वर्ष)

लापता व्यक्तियों का विवरण: सात लापता व्यक्तियों में नेपाली नागरिक अनवीर धामी (40 वर्ष) और उनकी पत्नी सर कटेल धामी (32 वर्ष), रोशन चौधरी (37 वर्ष), कुल्लू थारू (60 वर्ष) शामिल हैं। इसके अलावा देहरादून के कालिदास रोड निवासी जयचंद उर्फ बॉबी (38 वर्ष), प्रिंस (20 वर्ष) और छोटू (22 वर्ष) भी लापता हैं।

बचाव टीमों द्वारा लापता व्यक्तियों की खोज के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यमुना नदी के किनारे निगरानी के लिए वॉचर तैनात किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी की जा रही है और हर पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भारी बारिश के कारण हुए इस भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि तब तक खोज अभियान जारी रहेगा जब तक सभी लापता व्यक्तियों का पता नहीं चल जाता।

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