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समर कैम्प का किया वर्चुअल उद्घाटन

  देहरादून। राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी के निर्देशन में समग्र शिक्षा द्वारा दिनांक 23 जून 2022 से 29 जून 2022 तक वर्चुअल समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। ये वर्चुअल समर कैम्प का दिनांक गुरुवार को मुख्य अतिथि के रूप में पदमश्री प्रीतम भरतवाण …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 जून, 2022

 

देहरादून।

राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी के निर्देशन में समग्र शिक्षा द्वारा दिनांक 23 जून 2022 से 29 जून 2022 तक वर्चुअल समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। ये वर्चुअल समर कैम्प का दिनांक गुरुवार को मुख्य अतिथि के रूप में पदमश्री प्रीतम भरतवाण द्वारा वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से ऑनलाईन उदघाटन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध भारतनाट्यम नृत्यांगना सोनल वर्मा, डायरेक्टर हिल फाउण्डेशन ग्रुप ऑफ एजुकेशन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रही।

कार्यक्रम के वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन के अवसर पर अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ० मुकुल कुमार सती द्वारा जानकारी दी गयी कि यह कार्यक्रम अवकाश अवधि में छात्र-छात्राओं को शिक्षणेत्तर गतिविधियों से जोड़ने के साथ ही उनके कौशल विकास हेतु आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अन्तर्गत जागर लोकगीत, लोकनृत्य, कठपुतली. योगा, पेन्टिंग, हस्तलेखन सुधार, आर्ट एवं क्राफ्ट, परामर्श सत्र, नृत्य, स्टेम (कबाड़ से जुगाड़) हास्य प्रस्तुतीकरण आदि से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है, जिसकी समय-सारिणी विद्यालयों को उपलब्ध करा दी गयी है। समुदाय में विद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना विकसित हो सके इसके लिये कार्यक्रम में अभिभावकों एवं समुदाय के सदस्यों को भी आमन्त्रित किया गया है। सात दिवसीय इस कार्यक्रम में 500 विद्यालयों के हजारों बच्चों के साथ-साथ उनके आसपास के विद्यालयों के बच्चे जो कि स्वैच्छिक रूप से प्रतिभाग करना चाहते हैं भी लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम में सोनल वर्मा ने बच्चों को भरतनाट्यम की विभिन्न मुद्राओं को सिखाया गया साथ ही नृत्य का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। कार्यक्रम के अन्त में मनीषा रावत, रा०प्रा०वि० जाखन द्वारा कठपुतली से सम्बन्धित विभिन्न चरणों की जानकारी दी गयी तथा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के उदघाटन अवसर पर जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण जी द्वारा छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए संदेश दिया गया कि भाषा एवं बोली को अन्य भाषाओं की भांति महत्व दिया जाना चाहिये। इसके लिये बच्चों में कुछ प्राप्त करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिये। उनके द्वारा बच्चों तथा शिक्षकों आग्रह पर जागर गीत के साथ ही कुमाउनी एवं गढ़वाली लोक गीत की प्रस्तुति भी दी गयी। पद्मश्री भरतवाण के द्वारा देश विदेश में भी अनेक प्रस्तुतियां दी जाती रही हैं। कार्यक्रम का संचालन भगवती प्रसाद मैदोली, प्रशासनिक अधिकारी सह स्टॉफ ऑफिसर द्वारा किया गया।

उक्त कार्यक्रम के दौरान आकाश सारस्वत, उप राज्य परियोजना निदेशक, मंदन मोहन जोशी, उप राज्य परियोजना निदेशक, पल्लवी नैन, उप राज्य परियोजना निदेशक, ज्योति नेगी, समन्वयक कुमार गौरव, समन्वयक संदीप उनियाल, समन्वयक आदि उपस्थित रहे।

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