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कैंसर के बढ़ते मामलों से बचने के उपाय,,जानें कौन-कौन से फूड्स खाएं

दुनियाभर में कई लोग इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। कैंसर कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। यह बीमारी कई वजहों से लोगों को अपना शिकार बनाती है जिसमें से एक गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल है। ऐसे में कुछ फूड्स को लाइफस्टाइल में शामिल …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 02 अग, 2024
कैंसर के बढ़ते मामलों से बचने के उपाय,,जानें कौन-कौन से फूड्स खाएं

दुनियाभर में कई लोग इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। कैंसर कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। यह बीमारी कई वजहों से लोगों को अपना शिकार बनाती है जिसमें से एक गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल है।

ऐसे में कुछ फूड्स को लाइफस्टाइल में शामिल कर आप कैंसर से बचाव कर सकते हैं। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो दुनियाभर में कई लोगों की मौत का कारण बनती है।

यह बीमारी कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकती है, जिसकी वजह से कैंसर पूरी दुनिया में एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

इसके कई प्रकार होते हैं, जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं और इसी वजह से कैंसर का वह प्रकार प्रभावित अंगों के नाम से जाना जाता है।

ऐसे कई कारण हैं, जो व्यक्ति को कैंसर का शिकार बना सकते हैं, जिनमें से एक हमारी लाइफस्टाइल और गलत खानपान है।

ऐसे में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर और अपनी डाइट में कुछ फूड्स शामिल कर आप कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

टमाटर का इस्तेमाल लगभर हर व्यंजन में किया जाता है। खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही यह आपकी सेहत को भी फायदा पहुंचाता है।

इसमें शक्तिशाली लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो इसके लाल रंग के लिए जिम्मेदार होता है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक अध्ययन के मुताबिक हफ्ते में दो या इससे ज्यादा टमाटर बेस्ड फूड्स खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 30% तक कम हो जाता है।

आमतौर पर वजन कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाली ग्रीन टी कैंसर से बचाने में भी मददगार साबित होती है।

ग्रीन टी कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो सेल डेमेज को रोकने में मदद करते हैं। नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर सहित विभिन्न कैंसर के विकास का खतरा कम हो सकता है।

फाइबर का बेहतरीन सोर्स होने की वजह से बीन्स कैंसर की रोकथाम के लिए एक बढ़िया फूड साबित होता है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि हाई फाइबर फूड कोलोरेक्टल कैंसर के विकास के जोखिम को कम कर सकता है।

हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाला एक कंपाउंड है। करक्यूमिन ब्रेस्ट, आंत, पेट और त्वचा के कैंसर समेत विभिन्न प्रकार के कैंसर सेल्स के विकास को रोक सकता है।

लहसुन एक शक्तिशाली फूड है, जो कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है। इसमें एलिसिन जैसे सल्फर कंपाउंड होते हैं, जिनमें एंटी- कैंसर प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं। ये कंपाउंड कैंसर सेल्स को बढ़ने को रोककर कैंसर से बचाव में मदद कर सकते हैं।

 

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