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चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा विधि क्या है?

चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा विधि क्या है? : नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है। मां स्कंदमाता सिंह पर विराजमान हैं और उनकी चार भुजाएँ हैं। उनकी ऊपर की दायीं और बायीं भुजा में कमल के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 अप्र, 2025
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा विधि क्या है?

चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा विधि क्या है? : नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है। मां स्कंदमाता सिंह पर विराजमान हैं और उनकी चार भुजाएँ हैं। उनकी ऊपर की दायीं और बायीं भुजा में कमल के पुष्प सुशोभित हैं। नीचे की दायीं भुजा में वे भगवान कार्तिकेय को गोद में धारण किए हुए हैं, जबकि नीचे की बायीं भुजा से वे अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रही हैं।

मां का यह स्वरूप ममता और वात्सल्य का प्रतीक है। उनकी उपासना करने से संतान हीन व्यक्ति को संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही, संतान की रक्षा भी होती है। संतान का भाग्य चमक उठता है। ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानते हैं कि मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें, उनके किन मंत्रों का जाप करें, उन्हें कौन-सा भोग अर्पित करें, उनकी आरती, प्रिय रंग और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। माता स्कंदमाता के पूजन के लिए सफ़ेद या पीले रंग के वस्त्र धारण करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। पूजा स्थल पर मां स्कंदमाता की प्रतिमा या चित्र को एक चौकी पर स्थापित करें और मूर्ति रखने से पहले चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। माता के समक्षघी का दीपकप्रज्वलित करें और संकल्प लें कि आप विधिपूर्वक उनकी पूजा करेंगे। पूजन के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और घर-परिवार के कल्याण की कामना करें। पूजन के उपरांत माता स्कंदमाता की आरती करें और उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग अर्पित करें। भोग अर्पण के बाद इसे पूरे परिवार में वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें।

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