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प्रदेश में बनेगा वन्यजीव अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में वन्यजीवों की संख्या के साथ इनसे जुड़े अपराधों की सख्यां बढ़ रही है, प्रदेश में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा की है। प्रदेश में बढ़ती वन्यजीवों की संख्या के साथ इनसे …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 02 अक्ट, 2023
प्रदेश में बनेगा वन्यजीव अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में वन्यजीवों की संख्या के साथ इनसे जुड़े अपराधों की सख्यां बढ़ रही है, प्रदेश में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा की है।

प्रदेश में बढ़ती वन्यजीवों की संख्या के साथ इनसे जुड़े अपराधों की सख्यां भी बढ़ रही है।

प्रदेश में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा की है।

इसके साथ ही प्रदेश में पांच और बंदरबाड़े बनाए जाएंगे।

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के सभागार में आयोजित राज्य वन्यजीव सप्ताह 2023 के शुभारंभ अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री के हवाले से ये घोषणाएं कीं।

उनियाल ने कहा कि वन्यजीवों से जुड़े अपराधों में अपराधियों के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होते हैं।

ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष प्रकोष्ठ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके साथ ही पांच अन्य बंदरबाड़े बनने से मिशन मोड में बंदरों का बंध्याकरण तेजी से किया जा सकेगा।

इस  कार्यक्रम में नंदा देवी बायोस्फीर एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत 84 कुटिया के इतिहास पर बनी एक फिल्म भी दिखाई गई।

कालसी भू संरक्षण वन प्रभाग, हरिद्वार वन प्रभाग और मसूरी वन विभाग के तहत 15 प्रभावित लोगों को मानव वन्य जीव संघर्ष से संबंधित अनुग्रह धनराशि के चेक वितरण किए गए।

कार्यक्रम में पर्यावरण को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए स्कूल के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जो प्रदेश की जनता को पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर गौर कराते हैं।

सरकार की इस घोषणा से वन्यजीवों के सुरक्षित और संरक्षित रहने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और प्रदेश में पांच अन्य बंदरबाड़े की निर्माण के साथ ही वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश के कैंट विधायक सविता कपूर, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ.धनंजय मोहन, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) निशांत वर्मा, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डॉ.साकेत बडोला आदि इस घटना में उपस्थित रहे।

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