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Chamoli: ट्रॉली बंद होने से ओडर गांव का कटा संपर्क, ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें

देवाल: चमोली के देवाल विकासखंड के ओडर गांव में दो दिनों से एकमात्र साधन स्वचालित ट्रॉली का संचालन बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कारण करीब 600 से अधिक आबादी वाले ओडर गांव के निवासियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पिंडर नदी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 18 अग, 2025
Chamoli: ट्रॉली बंद होने से ओडर गांव का कटा संपर्क, ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें

देवाल: चमोली के देवाल विकासखंड के ओडर गांव में दो दिनों से  एकमात्र साधन स्वचालित ट्रॉली का संचालन बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कारण करीब 600 से अधिक आबादी वाले ओडर गांव के निवासियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पिंडर नदी के दोनों ओर बसे इस गांव के लिए यह ट्रॉली जीवनरेखा का काम करती है।

वर्ष 2013 की विनाशकारी आपदा में पिंडर नदी पर स्थित ओडर झूलापुल पूरी तरह से नष्ट हो गया था। पुल नहीं होने के कारण स्थानीय प्रशासन की संस्था लोनिवि ने यहां पर हाइड्रोलिक ट्रॉली की व्यवस्था की थी। यह ट्रॉली मुख्यतः बरसात के समय संचालित होती है, जब नदी का जलस्तर अधिक होता है। बरसात के मौसम के बाद ग्रामीण अपने श्रमदान से लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाते हैं, जो उनके दैनिक आवागमन में सहायक होती है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिंडर नदी के दोनों ओर न केवल उनके घर हैं, बल्कि उनकी खेती-बाड़ी भी दोनों तरफ फैली हुई है। इस कारण ट्रॉली का संचालन बंद होने से उनके दैनिक कार्यकलाप पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ट्रॉली का संचालन शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि आपातकालीन स्थितियों में भी उनके पास कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। इस समस्या का त्वरित समाधान न होने पर गांव के लोगों को और भी गंभीर कठिनाइयों का सामना कना पड़ सकता है। गांव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पान सिंह गड़िया का कहना है कि ट्रॉली के अचानक खराब हो जाने से पूरे गांव का  संपर्क टूट गया है। उन्होंने संबंधित विभाग से ट्रॉली को नियमित रूप से चालू रखने की मांग की है।

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