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“मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की दी शुभकामनाएं”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, बताया महर्षि वाल्मीकि के विचार और आदर्श का महत्व। वाल्मीकि जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को उनके आदर्शों की महत्वता बताया , वाल्मीकि जयंती, समाज में महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में से …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 28 अक्ट, 2023
“मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की दी शुभकामनाएं”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, बताया महर्षि वाल्मीकि के विचार और आदर्श का महत्व।

वाल्मीकि जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को उनके आदर्शों की महत्वता बताया , वाल्मीकि जयंती,  समाज में महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है, जो हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर को याद करता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के उपदेशों को याद करते हुए उनके विचारों की महत्वपूर्णता पर बल दिया।

उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों की प्रासंगिकता को बताया और सभी को उनके द्वारा प्रेरित होकर समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि को एक महान महात्मा और उनकी रचना आदि काव्य रामायण को भारतीय समाज के साथ ही विश्व साहित्य में एक अमूल्य धरोहर।

वाल्मीकि जयंती प्रत्येक वर्ष समाज में एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली उत्सव के रूप में मनाई जाती है जो समाज को उनके उत्तम आदर्शों की ओर देखने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर सभी से उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को अपने व्यवहार में अपनाने की अपील की है।

वाल्मीकि की रामायण, जो सार्थकता, सत्य, और धर्म की प्रतिष्ठा को स्पष्ट करती है, उनके द्वारा दी गई मार्गदर्शन को अपनाने का एक अच्छा माध्यम है।

वाल्मीकि जयंती समाज में भाईचारे की भावना, नैतिकता की महत्वता, और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने उनके आदर्शों की महत्वपूर्णता को समझते हुए सभी प्रदेशवासियों से वाल्मीकि जयंती को उत्साह, समर्पण, और समाज में सद्भावना की भावना के साथ मनाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा दी गई सामाजिक समरसता, सद्भाव तथा मानवता जैसे नैतिक मूल्यों की आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिकता है।

उनके विचार एवं आदर्श हमें समतामूलक समाज की स्थापना की प्रेरणा देते रहेंगे।

हम सभी को महर्षि वाल्मीकि के महान दृष्टिकोण एवं उनके द्वारा दी गई शिक्षा को अपने व्यवहार में अपनाने का संकल्प लेना होगा। यही उनके प्रति हमारा सम्मान तथा सच्ची श्रद्धा होगी

 

 

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