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“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रविरोधी शक्तियों को हराने की भरी हुंकार”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में गंगानगर में आयोजित सम्मान समारोह गंगानगर, राजस्थान: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगानगर, राजस्थान के मानकसर गांव में आयोजित सम्मान समारोह में एक उत्कृष्ट भाषण दिया। सीएम धामी ने भारत की साकारात्मक प्रगति और सुरक्षा की बड़ी महत्वपूर्ण बात की। उन्होंने कहा कि, …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 12 सित, 2023
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रविरोधी शक्तियों को हराने की भरी हुंकार”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में गंगानगर में आयोजित सम्मान समारोह

गंगानगर, राजस्थान:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगानगर, राजस्थान के मानकसर गांव में आयोजित सम्मान समारोह में एक उत्कृष्ट भाषण दिया।

सीएम धामी ने भारत की साकारात्मक प्रगति और सुरक्षा की बड़ी महत्वपूर्ण बात की।

उन्होंने कहा कि, भारत को एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने का आदर्श देते हुए कहा कि हमें राष्ट्रविरोधी शक्तियों को परास्त करने और राष्ट्रवादी शक्तियों को विजयी बनाने का काम करना है।

वह मान्यता देने वाले हैं कि भारत के नागरिकों के एक वोट का महत्व अत्यधिक है और इसके माध्यम से ही भारत एक महत्वपूर्ण राष्ट्र बना है।

धामी ने यह भी उजागर किया कि भारत को अब विश्व गुरु के पद पर आगे बढ़ने का मौका मिला है, जब उन्होंने बताया कि भारत ने जी-20 (G-20) के अध्यक्षता में सफलता प्राप्त की है।

वे इस मौके पर गर्वित हैं कि भारत ने विश्व को अपनी शक्ति और क्षमता का अद्वितीय परिचय दिया है।

धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उन्नति के लिए सभी नागरिकों को सहयोगी बनने की आग्रह किया।

क्षेत्रवासियों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जंभेश्वर भगवान की पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है।

उन्होंने कहा कि गुरु जंभेश्वर जी ने जीवन में 29 नियम अपनाने के लिए कहा था।

उनके द्वारा दिये गए नियमों को आत्मसात कर आज विश्नोई समाज, वाणी पर संयम रखने के साथ ही अन्य नियमों का पालन कर रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर यह भी दर्शाया कि उत्तराखंड और राजस्थान दोनों ही भारतीय राज्य सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक-दूसरे के पूरक हैं।

राजस्थान प्राचीन काल से ही एक वीर भूमि रहा है, और यहां के वीरों और वीरांगनाओं ने हमेशा सर कटाकर अपनी धरती की रक्षा की है।

धामी ने इसके साथ ही बताया कि उनके पूर्वज भी राजस्थान से ही उत्तराखंड आए थे, इससे उनका गहरा संबंध है।

मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण भाषण के माध्यम से उत्तराखंड के नागरिकों को उनके महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया गया है और उन्होंने देश के और आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।

 

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