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अब चीन ने दिखाया पैगंबर का कैरिकेचर

इस्लामाबाद :- दरअसल, चीन के सरकारी चैनल चाइना सेंट्रल टेलिविजन (सीसीटीवी) ने हाल ही में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर प्रसारित किया था। वीगर ऐक्टिविस्ट अर्शलान हिदायत ने चाइनीज टीवी सीरीज की ये क्लिप ट्वीट की थी। इस क्लिप में तांग राजवंश के दरबार में एक अरब राजदूत को दिखाया गया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 25 अप्र, 2022

इस्लामाबाद :- दरअसल, चीन के सरकारी चैनल चाइना सेंट्रल टेलिविजन (सीसीटीवी) ने हाल ही में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर प्रसारित किया था। वीगर ऐक्टिविस्ट अर्शलान हिदायत ने चाइनीज टीवी सीरीज की ये क्लिप ट्वीट की थी। इस क्लिप में तांग राजवंश के दरबार में एक अरब राजदूत को दिखाया गया है। इसमें अरब राजदूत पैगंबर मोहम्मद की एक पेंटिंग चीनी सम्राट को सौंपते हुए नजर आते हैं।

हालांकि, चीन की इस हरकत के खिलाफ पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तान तो पहले भी चीन में वीगर मुसलमानों के दमन और उन्हें प्रताडि़त किए जाने को लेकर मौन रहा है। चीन में टीवी पर पैगंबर मोहम्मद का इस तरह से कैरिकेचर दिखाए जाने से कई लोग हैरान हुए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल किया कि क्या टीवी शो में पैगंबर मोहम्मद की पेंटिंग्स दिखाना ईश निंदा नहीं है।

एक यूजर ने ये भी सवाल किया कि क्या मुस्लिम दुनिया अब पैगंबर मोहम्मद के कैरिकेचर दिखाए जाने पर चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील नहीं करेगी। हालांकि, पाकिस्तान का चीन के वीगर मुसलमानों को लेकर दोहरा रवैया पहले भी दिखता रहा है।

पाकिस्तान कश्मीर से लेकर फिलीस्तीन के मुद्दे पर तो जोर-शोर से आवाज उठाता है, लेकिन वीगर मुसलमानों की बात आते ही खामोशी अख्तियार कर लेता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कई बार चीन में वीगर मुसलमानों की दयनीय हालत को लेकर सवाल किया गया तो वो पूरी तरह से अनजान बन गए।

कुछ इंटरव्यू में इमरान खान चीन को समर्थन देते हुए भी नजर आए और कहा कि हर देश को आतंकवाद से लडऩे का अधिकार है।

पाकिस्तान के उलट, भारत फ्रांस के साथ मजबूती से खड़ा हुआ है। यूरोप में बढ़ते इस्लामिक कट्टरपंथ को लेकर भारत के विदेश सचिव हर्ष वी. श्रृंगला ने अपने जर्मन समकक्ष से भी चर्चा की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के विदेश सचिव ने जर्मनी में कहा कि फ्रांस में हुए आतंकी हमले लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दोनों के लिए ही खतरा हैं।

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