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दूषित और बासी खाना बन सकता है घातक ब्लड पॉइजनिंग का कारण,,,जानें कितना खतरनाक..

शोधकर्ताओं ने बताया कि इनमें से कई एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया आंतों में ही रहते हैं. ऐसे लोग जिन्हें इंफ्लेमेटरी बोवेल डिजीज है, उनमें ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा होता है। शरीर में बैड बैक्टीरिया के बढ़ने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है. कुछ बैक्टीरिया जानलेवा भी हो सकते …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 अप्र, 2024
दूषित और बासी खाना बन सकता है घातक ब्लड पॉइजनिंग का कारण,,,जानें कितना खतरनाक..

शोधकर्ताओं ने बताया कि इनमें से कई एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया आंतों में ही रहते हैं. ऐसे लोग जिन्हें इंफ्लेमेटरी बोवेल डिजीज है, उनमें ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

शरीर में बैड बैक्टीरिया के बढ़ने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है. कुछ बैक्टीरिया जानलेवा भी हो सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर में मौजूद बैक्टीरिया खतरनाक ब्लड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।

वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने खून पीने वाले बैक्टीरिया पर स्टडी कर पाया कि ब्लड पॉइजनिंग के लिए जिम्मेदार कुछ बैक्टीरिया खून में चले जाता हैं। ]

ये खून के अंदर मौजूद फ्लूइड या सीरम से आकर्षित होते हैं. जहां बैक्टीरिया अमीनो एसिड एल-सेरीन को भोजन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।

वैम्पायर बैक्टीरिया : इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने इसे बैक्टीरियल वैम्पायर बताया है. शोधकर्ताओं ने आंत में पाए जाने वाले बैक्टीरिया की तीन प्रजातियों पर फोकस किया, जो एंटरोबैक्टीरियासी फैमिली से आते हैं।

इन्हें साल्मोनेला एंटरिका, एस्चेरिचिया कोली और सिट्रोबैक्टर कोसेरी कहते हैं. शोधकर्ताओं ने पाया कि इंसानों से लिए गए सीरम के संपर्क में आने पर तीनों प्रजातियां वैम्पायर जैसे लक्षण दिखाती हैं।

एंटरोबैक्टीरियासी फैमिली से आने वाले आमतौर पर ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन से जुड़े रहते हैं. जिससे सेप्सिस या ब्लड पॉइजनिंग हो सकता है।

चूंकि खून बैक्टीरिया और अन्य संभावित पैथोजन्स से बिल्कुल मुक्त होते हैं, इसलिए जब खून में बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं तो यह बड़ी समस्या का रूप ले सकता है।

क्यों खतरनाक है स्थिति : शोधकर्ताओं ने बताया कि इनमें से कई एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया आंतों में ही रहते हैं. ऐसे लोग जिन्हें इंफ्लेमेटरी बोवेल डिजीज है, उनमें ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

इस स्टडी को ईलाइफ जर्नल में भी पब्लिश किया गया. इसमें बताया गया है कि उनकी ड्रैकुला जैसी प्रवृत्तियों सामने आने से खतरनाक ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन का नया इलाज मिल सकता है।

इससे भविष्य में नई दवाईंया बनाने में मदद मिल सकती है. इन दवाईयों से आईबीडी वाले लोगों के जीवन बेहतर बन सकता है।

ऐसे लोगों में ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन का हाई रिस्क भी रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि शोध में जब एस एंटरिका, ई कोली और सी कोसेरी को जब इंसान सीरम दिया गया, तब इसके प्रभाव में आकर बैक्टीरिया एक ही मिनट में कम होने लगे।

ज्यादातर ई. कोलाई नुकसान नहीं पहुंचाते और हेल्दी इंटेस्टिनल ट्रैक्ट का ही हिस्सा होते हैं।

कभी-कभी ये गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. जैसे डायरिया, यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, सांस से जुड़ी बीमारी और ब्लड स्ट्रीम इन्फेक्शन. ई. कोलाई इंफेक्शन का सबसे बड़ा और आम कारण दूषित खाना है. इसलिए इससे बचकर रहना चाहिए।

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