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शराब घोटाले मामले में सीएम केजरीवाल को ED का चौथा समन जारी....

दिल्ली : ईडी ने दिल्ली आबकारी मामले में अरविंद केजरीवाल को दो नवंबर, 21 दिसंबर और 3 जनवरी 2024 को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। सीएम तीनों बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 13 जन, 2024
शराब घोटाले मामले में सीएम केजरीवाल को ED का चौथा समन जारी....

दिल्ली :  ईडी ने दिल्ली आबकारी मामले में अरविंद केजरीवाल को दो नवंबर, 21 दिसंबर और 3 जनवरी 2024 को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। 

सीएम तीनों बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को चौथा समन जारी किया।

ईडी ने उन्हें दिल्ली आबकारी नीति मामले (Delhi Excise Policy Case) में पूछताछ के लिए चौथी बार समन जारी किया है।

ईडी ने दिल्ली के सीएम को 18 जनवरी को दफ्तर में शराब घोटाला (Delhi Liquor Scam) मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है. अब देखना यह है कि आप (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक चौथी बार पूछताछ में शामिल होते हैं या नहीं।

इससे पहले ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के सीएम को दो नवंबर 2023, 21 दिसंबर 2023 और 3 जनवरी 2024 को पूछताछ के लिए बुलाया था।

तीनों बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पेश नहीं हुए. हर बार उन्होंने एक चिट्ठी जारी कर ईडी के समन का गैर कानूनी बताया और इस बात का जवाब मांगा कि आखिर उन्हें प्रवर्तन निदेशालय किस हैसियत से बुलाना चाहता है, पहले वो इस बात को स्पष्ट करे।

आम आदमी पार्टी के नेता भी सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की ओर से जारी समन को राजनीति से प्रेरित और गैर जरूरी बताते आये हैं।

आप नेताओं का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल को भारतीय जनता पार्टी के नेता किसी भी तरह एक साजिश के तहत गिरफ्तार कराना चाहती है।

जबकि अरविंद केजरीवाल के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. उन्होंने एक रुपये का भी भ्रष्टाचार नहीं किया है. सीएम अरविंद केजरीवाल खुद बता चुके हैं कि वो जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

बशर्तें, ईडी दफ्तर में पेश होने से पहले ईडी उनके सवाल को जवाब दे दे. आपने नेताओं यह भी कहना है कि ईडी का यह समन भी पिछले समन की तरह गैर कानूनी है. उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए वापस लेने की मांग की थी।

 

 

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